Tag - प्रवचन

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समाधिस्थ मुनिश्री तरुण सागर जी रचित कविता ‘आदमी की औकात’: कड़वे वचन के लिए जगत विख्यात थे तरुणसागर जी 

समाधिस्थ मुनिश्री तरुणसागर जी महाराज के प्रवचनों में कड़वे वचन धर्मप्रेमी श्रावक-श्राविकाओं को आंदोलित करने वाले होते थे। उनकी वाणी आज भी समाज के लिए...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -143 ईश्वर का न कोई रूप है, न आकार, न रंग, फिर भी वह सर्वत्र व्याप्त है : रूप नहीं, तत्व को पहचानो, यही जीवन की असली दृष्टि है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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ज्ञान कभी चिल्लाता नहीं, वह मौन रहकर दिशा देता है: मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी ने सच्चे ज्ञान की व्याख्या की 

पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी ससंघ का सागर की ओर विहार चल रहा है। इस दौरान विश्राम स्थल पर प्रवचन भी हो रहे हैं। मुनिश्री सर्वार्थसागर जी महाराज प्रवचनों...

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जैन पदयात्रा को लेकर राष्ट्रपति को पत्र : गिरनार की पांचवीं टोंक पर सुरक्षा की मांग

गुजरात के गिरनार पर्वत स्थित जैन तीर्थ स्थल पर होने वाली धार्मिक पदयात्रा को लेकर विश्व जैन संगठन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र भेजा है। पत्र में 2...

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आचार्य श्री विराग सागरजी का प्रथम समाधि दिवस मनाया: धामनोद में आर्यिका श्री विदुषी श्री माताजी हैं विराजित 

आचार्य श्री विराग सागरजी का प्रथम समाधि दिवस पर मंगलवार सुबह 8.30 बजे से गुरु पूजन एवं अन्य कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। यह हम सभी का सौभाग्य रहा कि इस अवसर...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -142 यदि मनुष्य में प्रेम नहीं, तो उसमें मनुष्यता नहीं : प्रेम करना ही सच्चे अर्थों में जीवन जीना है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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रिश्तों को तोला घर का रहस्य खोला नहीं जाता : आचार्य श्री निर्भयसागर ने धर्मसभा में बताई रिश्तों की अहमियत

आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज महरौली में विराजित हैं। यहां उन्होंने धर्मसभा को संबोधित कर रिश्तों की अहमियत से परिचित करवाया। उनके प्रवचन सुनने के लिए बड़ी...

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चार दिवसीय "संस्कार धर्म यात्रा" का इंदौर में भव्य समापन : सच्चे संस्कार व्यावहारिक अनुभव से ही आते हैं-मुनि पूज्य सागर

अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज की चार दिवसीय संस्कार धर्म यात्रा का समापन दिगंबर जैन पोरवाड़ समाज मांगलिक भवन में पूर्ण भक्ति भाव और श्रद्धा के साथ...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -141 ईश्वर हमारे भीतर ही वास करता है : सच्चा समाधान तो उनकी अपनी आंतरिक शक्ति और चेतना में छिपा होता है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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मन हल्का रखो, जीवन गहरा जियो: मुनिश्री ने मन पर नियंत्रण की दी सीख 

पट्टाचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज ससंघ का विहार विदिशा से सागर की ओर चल रहा है। इसी दौरान उन्हीं के शिष्य मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी ने अपने प्रवचन कर रहे हैं।...

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