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ज्ञान कभी चिल्लाता नहीं, वह मौन रहकर दिशा देता है: मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी ने सच्चे ज्ञान की व्याख्या की 


पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी ससंघ का सागर की ओर विहार चल रहा है। इस दौरान विश्राम स्थल पर प्रवचन भी हो रहे हैं। मुनिश्री सर्वार्थसागर जी महाराज प्रवचनों में धर्मगंगा बहा रहे हैं। सिहोरा पढ़िए, यह खबर…


सिहोरा। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद कोल्हापुर के कार्याध्यक्ष अभिषेक अशोक पाटील कोल्हापुर ने कहा कि पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी ससंघ का सागर की ओर विहार चल रहा है। उनके शिष्य विचित्र बाते प्रणेता मुनिश्री सर्वार्थ सागर महाराज ने सिहोरा में प्रवचन में कहा कि ज्ञान कभी चिल्लाता नहीं, वह मौन रहकर भी दिशा देता है। सच्चा ज्ञान कभी दिखावा नहीं करता। वह ना तो बहस करता है, ना ही स्वयं को सिद्ध करने की कोशिश करता है।

जैसे दीपक बिना शोर किए अंधकार को मिटा देता है, वैसे ही ज्ञानी व्यक्ति अपने आचरण और मौन से दूसरों को मार्ग दिखाता है। आज के शोरगुल भरे समय में, जहां हर कोई बोलना चाहता है, वहां मौन रहकर सही दिशा देना ही असली शक्ति है। जो जानता है, वह शांत रहता है और जो शांत रहता है, वही दूसरों की मदद कर सकता है। तो चलिए, हम भी ऐसा ज्ञान अर्जित करें, जो दिखावे से नहीं, चरित्र से चमके।

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Shreephal Jain News

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