जयपुर स्थित श्री टोडरमल दिगम्बर जैन सिद्धान्त महाविद्यालय का 50वाँ स्थापना दिवस समारोह उत्साह और गौरव के साथ सम्पन्न हुआ। विद्वानों, पूर्व विद्यार्थियों एवं...
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अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक नंदीजी गुरुदेव ने विवेक, सम्यक दर्शन, भाव-शुद्धि और संयमपूर्ण जीवन का महत्व बताते हुए कहा कि बाह्य तप तभी...
श्रमण डॉ. पुष्पेन्द्र ने धर्मस्थलों में प्राप्त धन को समाज की श्रद्धा की अमानत बताते हुए उसके पारदर्शी और धर्मसम्मत उपयोग पर बल दिया। उन्होंने भगवान महावीर के...
आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज का संपूर्ण जीवन संयम, तप, आत्मसाधना और जैन दर्शन की प्रभावना को समर्पित रहा। उनका समाधि-मरण समाज के लिए आध्यात्मिक...
भारतीय अध्यात्म के महान संत एवं जैन दर्शन के प्रखर विचारक श्रीमद् राजचंद्र ने अपने आत्मज्ञान, साहित्य और जीवनदर्शन से करोड़ों लोगों को प्रेरित किया। महात्मा...
आचार्य विद्यासागर जी महाराज के 69वें दीक्षा दिवस पर प्रस्तुत यह विशेष लेख उनके तप, त्याग, साहित्य, शिक्षा, स्वदेशी और मानवता के प्रति अमूल्य योगदान को स्मरण कर...
सागवाड़ा से आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक नंदी गुरुदेव ने अनेकांतवाद, विनय, आत्मज्ञान और जैन दर्शन के गूढ़ सिद्धांतों पर विस्तार से...
सागवाड़ा से आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक नंदी गुरुदेव ने अनेकांतवाद, विनय, आत्मज्ञान और जैन दर्शन के गूढ़ सिद्धांतों पर विस्तार से...
सुरुरपुर में आयोजित श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक महोत्सव के दौरान आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी महाराज ने मृत्यु-स्मरण, कर्म सिद्धांत, वैराग्य और आत्मकल्याण पर...
मोरपंख विवाद के संदर्भ में जैन समाज की अहिंसक परंपरा, पिच्छिका के महत्व और धार्मिक भावनाओं पर उठे प्रश्नों को लेकर यह विचार लेख संवाद, प्रमाण और संवेदनशीलता की...








