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कुण्डलपुर में वर्षायोग संकल्प दिवस सम्पन्न: “गुरुओं की करुणा से भीगने वाला हृदय ही मूक माटी बनकर जीवन को मंगलमय बनाता है” — मुनि श्री समता सागर जी महाराज


कुण्डलपुर में वर्षायोग एवं चातुर्मास संकल्प दिवस पर निर्यापक श्रमण मुनि श्री समता सागर जी महाराज ने गुरु-वाणी, जिनवाणी और आत्मपरिवर्तन का प्रेरक संदेश दिया। 9 अगस्त को भव्य मंगल कलश स्थापना तथा गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियाँ भी प्रारम्भ हो गई हैं। पढ़िए श्रीफल साथी राजीव सिंघई की यह रिपोर्ट।


कुण्डलपुर (मध्यप्रदेश)। वर्षायोग एवं चातुर्मास स्थापना संकल्प दिवस के अवसर पर निर्यापक श्रमण मुनि श्री समता सागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्षायोग केवल वर्षा ऋतु नहीं, बल्कि प्रकृति की वर्षा और गुरु-जिनवाणी की अमृतवर्षा का पावन संगम है। गुरु की करुणा से भीगने वाला हृदय ही जीवन को श्रेष्ठ संस्कारों से परिपूर्ण बना सकता है।

गुरु-वाणी जीवन का रूपांतरण करती है

मुनि श्री ने कहा कि पत्थर केवल बाहर से भीगता है, जबकि मिट्टी भीतर और बाहर दोनों ओर से भीगकर शिल्पी के हाथों सुंदर स्वरूप धारण करती है। उसी प्रकार जो साधक गुरु-वाणी और जिनवाणी को आत्मसात करता है, वही अपने जीवन का वास्तविक रूपांतरण कर पाता है। उन्होंने संत कबीर का प्रसिद्ध पद उद्धृत करते हुए गुरु कृपा की महिमा का वर्णन किया।

आत्मपरिवर्तन ही महानता का आधार

प्रवचन के दौरान मुनि श्री ने भगवान महावीर के पूर्वभव की प्रेरक कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि गुरु के करुणामय उपदेश से हिंसक सिंह का हृदय परिवर्तित हुआ और वही जीव आगे चलकर भगवान महावीर बना। उन्होंने कहा कि जब जीव के परिणाम बदलते हैं, तभी जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल जाती हैं।

चातुर्मास आत्मजागरण का अवसर

मुनि श्री ने कहा कि आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी का दिन श्रमण परंपरा में वर्षायोग एवं चातुर्मास संकल्प का महत्वपूर्ण दिवस है। इस अवसर पर आचार्य, मुनि, ऐलक एवं क्षुल्लक शास्त्रोक्त विधि से वर्षायोग का संकल्प लेते हैं। श्रद्धालुओं से उन्होंने आह्वान किया कि चातुर्मास के दौरान गुरु-वाणी को जीवन में उतारकर आत्मकल्याण का मार्ग अपनाएँ।

9 अगस्त को होगा भव्य मंगल कलश स्थापना समारोह

समता सरोवर के राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी एवं कुण्डलपुर तीर्थ क्षेत्र कमेटी के प्रचारमंत्री जयकुमार जैन जलज ने बताया कि प्रातःकाल बड़े बाबा के चरणों में चातुर्मास संकल्प की सभी धार्मिक क्रियाएँ सम्पन्न हुईं। पूज्य बड़े बाबा की शांतिधारा मुनि श्री पवित्र सागर जी महाराज के मुखारविंद से सम्पन्न हुई। 9 अगस्त 2026 को कुण्डलपुर में भव्य मंगल कलश स्थापना समारोह आयोजित किया जाएगा। वहीं 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव विद्यासागर सभागृह में आयोजित होगा। क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष चंद्रकुमार सराफ एवं पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया है।

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