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14 अप्रैल से सजेगा फिजियोविज़न का अंतरराष्ट्रीय मंच : तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में शिरकत करेंगे एक्सपर्ट्स


तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी का फिजियोथेरेपी विभाग 14 अप्रैल से पहली दो दिनी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस फिजियोविज़न 1.0 की मेजबानी करने जा रहा है। नवाचार और पुनर्वास उत्कृष्टता का संगम के मूल मंत्र के साथ होने वाली यह कॉन्फ्रेंस फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में नवाचार, अत्याधुनिक तकनीक और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पद्धतियों के एकीकरण को एक नई दिशा देने का प्रयास है। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की यह खबर…


मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटीका फिजियोथेरेपी विभाग 14 अप्रैल से पहली दो दिनी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस फिजियोविज़न 1.0 की मेजबानी करने जा रहा है। नवाचार और पुनर्वास उत्कृष्टता का संगम के मूल मंत्र के साथ होने वाली यह कॉन्फ्रेंस फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में नवाचार, अत्याधुनिक तकनीक और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पद्धतियों के एकीकरण को एक नई दिशा देने का प्रयास है। आधुनिक विज्ञान और परंपरागत देखभाल के इस अनूठे संगम से रोगी के उपचार को और अधिक प्रभावी एवम् परिणामदायी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में वैश्विक दृष्टिकोण को विस्तार देने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंग्लैंड से एड्रॉइट फिज़ियो के संस्थापक डॉ.सोहराब शर्मा,मालदीव से मालदीव नेशनल यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ रिहैबिलिटेशन साइंस से डॉ. उज़मा सय्यद और मलेशिया से फैकल्टी ऑफ मेडिसिन एंड हेल्थ साइंसेज़ के डिपार्टमेंट ऑफ फिजियोथेरेपी से डॉ. तरुण अमलनेरकर जैसे विशेषज्ञ इस सम्मेलन की शोभा बढ़ायेंगे।

फिजियोथेरेपी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. शिवानी एम कौल ने कहा कि इस सम्मेलन में चिकित्सा जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां अपने अनुभव और ज्ञान को साझा करेंगी। राष्ट्रीय स्तर पर वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट सांस फाउंडेशन, नई दिल्ली से डॉ. पी.पी बोस,प्रिंसिपल इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर, नई दिल्ली से प्रो.डॉ. चित्रा कटारिया, डीन राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान यूनिवर्सिटी एवम् प्रिंसिपल स्वास्थ्य कल्याण, जयपुर से डॉ. ध्रुव तनेजा, हाई परफॉर्मेंस एनालिस्ट एवं फिजियोथेरेपिस्ट वन्य भारतीय खेल प्राधिकरण, न्यू दिल्ली से डॉ. प्रहलाद प्रियदर्शी आदि विचार प्रस्तुत करेंगे। अकादमिक सत्रों के साथ-साथ यह कॉन्फ्रेंस शोध एवम् नवाचार का जीवंत केंद्र भी बनेगी। देशभर के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 150 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं पोस्टर एवं पेपर प्रेजेंटेशन के माध्यम से फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अपने नवीन शोध कार्यों एवं विचारों को प्रस्तुत करेंगे। प्रो. कौल ने उम्मीद जताई, यह आयोजन युवा पीढ़ी को विशेषज्ञों से सीधे संवाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान करेगा। यह एक सम्मेलन नहीं, बल्कि यह फिजियोथेरेपी के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। यह ऐतिहासिक आयोजन नैतिकता, सहयोग और समग्र पुनर्वास की भावना को और अधिक सशक्त करेगा। बकौल प्रो. कौल मुरादाबाद की धरती पर अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का यह महासमागम न केवल छात्रों के लिए सीखने का एक सुनहरा अवसर है, बल्कि चिकित्सा जगत में नवीनता और उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करेगा।

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