मोक्ष गए प्रभु अभिनंदन स्वामी, चरणों में वंदन बारंबार…इन भक्तिमय पंक्तियों और जयकारों के साथ ग्राम पीठ स्थित दिगंबर जैन मंदिर में जैन धर्म के चतुर्थ तीर्थंकर भगवान अभिनंदननाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव बड़ी श्रद्धा और हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। पीठ से पढ़िए, यह खबर…
पीठ (डूंगरपुर)। मोक्ष गए प्रभु अभिनंदन स्वामी, चरणों में वंदन बारंबार…इन भक्तिमय पंक्तियों और जयकारों के साथ ग्राम पीठ स्थित दिगंबर जैन मंदिर में जैन धर्म के चतुर्थ तीर्थंकर भगवान अभिनंदननाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव बड़ी श्रद्धा और हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर पुण्य अर्जन किया।
अभिषेक और शांतिधारा से हुआ मंगल प्रारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः काल भगवान के मंगल अभिषेक और शांतिधारा के साथ हुई। भक्तों ने पवित्र मंत्रोच्चार के बीच भगवान की प्रतिमा पर जलार्पण किया। वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया जब श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान अभिनंदननाथ का पूजन कर अष्टद्रव्यों से अर्घ्य समर्पित किए।
निर्वाण लाडू अर्पित कर मांगी सुख-समृद्धि
महोत्सव का मुख्य आकर्षण भगवान को निर्वाण लाडू अर्पित करना रहा। समाज के अध्यक्ष राजकुमार डेचिया ने जानकारी दी कि तीर्थंकर प्रभु के मोक्ष गमन के प्रतीक स्वरूप भव्य ‘निर्वाण लाडू’ की रचना की गई थी। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने पालकी और थाल में लाडू सजाकर भगवान के चरणों में अर्पित किए और जगत के कल्याण व सुख-समृद्धि की कामना की। शाम को भगवान की महाआरती की गई, जिसमें समूचा पीठ गांव धर्म की गंगा में सराबोर नजर आया।
समाज के प्रबुद्ध जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस पुनीत अवसर पर दिगंबर जैन समाज के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान चंद्रकांत शाह, महेंद्र डेचिया, डॉ. देवीलाल, कोदरलाल डेचिया, रोशन भूता और लक्ष्मीलाल टोकर वाले सहित कई प्रमुख श्रावकों ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। अध्यक्ष राजकुमार डेचिया ने बताया कि भगवान अभिनंदननाथ का जीवन हमें संयम और आत्म-कल्याण का मार्ग दिखाता है। इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को प्रभावना वितरित की गई।













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