धामनोद स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में अष्टानिका महापर्व के अंतिम दिन गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्री नंदीश्वर दीप महामंडल विधान श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने अर्घ्य समर्पित कर गुरु परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। पढ़िए श्रीफल साथी यश जैन की यह रिपोर्ट।
धामनोद। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, धामनोद में आयोजित अष्टानिका महापर्व के अंतर्गत श्री नंदीश्वर दीप महामंडल विधान का अंतिम दिवस गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। मंदिर परिसर पूरे दिन भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।
अभिषेक, शांतिधारा एवं सामूहिक विधान
प्रातःकाल भगवान जिनेंद्र देव का नित्य अभिषेक एवं शांतिधारा सम्पन्न हुई। स्वर्ण कलश से अभिषेक का सौभाग्य विभा–सुनील जैन परिवार को तथा शांतिधारा का लाभ मीना–दीपक प्रधान परिवार को प्राप्त हुआ। सोमा–राजेंद्र जैन एवं प्रभा–नरेंद्र जैन ने भी धार्मिक क्रियाओं में सहयोग प्रदान किया।
गुरु पूर्णिमा पर समर्पित हुए श्रद्धा के अर्घ्य
महिलाओं एवं पुरुष इंद्रों ने नंदीश्वर दीप के मंडल पर विधिपूर्वक गोले एवं अर्घ्य समर्पित किए। सामूहिक रूप से अपने-अपने मुखारविंद से पूजा का वाचन किया गया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज, आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज, आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज, आर्यिका रत्न श्री ज्ञानमती माताजी, आर्यिका श्री पूर्णमती माताजी सहित समस्त मुनिराजों के प्रति श्रद्धाभाव से अर्घ्य समर्पित किए गए।
भक्ति और अनुशासन का अनुपम संगम
पूरे में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में भक्ति भाव से शामिल हुईं। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक विधान में सहभागिता कर गुरु परंपरा एवं जैन संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
समाजजनों की रही सक्रिय सहभागिता
आयोजन में समाज अध्यक्ष दीपक प्रधान, सचिव प्रभा प्रधान, उपाध्यक्ष संदीप मंडलोई, पूर्व अध्यक्ष रमेशचंद जैन, महेश जैन, संरक्षक शिखरचंद जैन, नरेंद्र जैन, नरेंद्र जैन (अनाज वाले), अशोक प्रधान, राकेश जैन, कोषाध्यक्ष विजय जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।













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