आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि विमल सागर जी, अनंत सागर जी,धर्म सागर जी,भाव सागर जी के नगर में मंगल प्रवेश के दौरान संपूर्ण नगर में भक्तों मैं भक्ति का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर शोभायात्रा भी निकाली गई। कार्यक्रम में धर्म सभा को मुनि विमल सागर महाराज ने संबोधित किया। पढ़िए तुष्टि जैन की यह विशेष रिपोर्ट…
घाटोल। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि विमल सागर जी, अनंत सागर जी,धर्म सागर जी,भाव सागर जी के नगर में मंगल प्रवेश के दौरान संपूर्ण नगर में भक्तों मैं भक्ति का जनसैलाब उमड़ पड़ा, वहीं जहां इन संतों के नगर आगमन के साथ ही नंदीश्वरद्वीप की रजत जिन मंदिर के साथ ही 52 जिन प्रतिमा के नगर आगमन से भक्तों में उत्साह उमंग एवं भक्ति का ज्वार उम्र पड़ा, जिसने बच्चों से लेकर बुजुर्गों एवं महिलाओं में भी पूर्ण भक्ति भाव से नृत्य करने के लिए मजबूर कर दिया। प्रातः मुनि संघ देवदा से विहार करते हुए घाटोल नगर के समीप आचार्य विद्यासागर महाराज के कीर्ति स्तंभ के समीप जैसे ही पहुंचे, वहां पहले से आगमन को तैयार जैन समाज के संपूर्ण जनमानस ने श्रीफल भेंट करते हुए मुनि संघ को नगर प्रवेश करने का निवेदन किया। तत्पश्चात मुनि संघ नगर में संचालित आचार्य विद्यासागर विद्यालय का अवलोकन किया गया और नगर की ओर प्रस्थान किया।

विभिन्न प्रांतों के नृत्यों से किया स्वागत
यहां संपूर्ण नगर में भव्य स्वागत द्वार के साथ ही जैन धर्म की पताका प्रत्येक घर के बाहर लहरा रही थी। नगर की महिलाएं और बालिका देश के विभिन्न प्रांतों की साड़ियां पहनकर एवं उनकी वेशभूषा धारण कर कर बंगाली, मराठी, केरला इत्यादि प्रांतों की नृत्य के माध्यम से सुंदर और मनमोहक झलकियां पेश करते हुए नृत्य कर रही थीं। नगर के युवा रंग-बिरंगे साफे में और सफेद कुर्ते में नृत्य करते हुए आगमन की शोभा बढ़ा रहे थे। जैसे ही मुनि संघ का प्रवेश घाटोल के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर के प्राचीन जिनालय वासुपूज्य मंदिर में पहुंचा तो चारों ओर जैन धर्म की जय-जय कार के नारों से गगन गुंजायमान हो उठा।

धर्म सभा में हुए कार्यक्रम
जिन दर्शन के उपरांत संघ नगर में स्थित विवेक विद्या विज्ञान संत भवन पहुंचा, जहां धर्म सभा में तब्दील हो गया। वहां आचार्य श्री विद्यासागर जी की तस्वीर का अनावरण एवं दीप प्रज्वलित करते हुए मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। यहां सर्वप्रथम मध्य प्रदेश से आई नंदीश्वर दीप के 52 जिन प्रतिमाओं का अभिषेक किया गया।शांतिधारा करने का सौभाग्य जोधावत रुपेश एवं सन्नी भाई के परिवार को प्राप्त हुआ और जिनवाणी भेंट करने का व पाद प्रक्षालन का सौभाग्य मुंगाणिया राजेंद्र कुमार, लालावत अजित, दोषी दीपक कुमार के परिवारों को प्राप्त हुआ। इस मौके पर आचार्य विद्यासागर जी महाराज की विशेष पूजा अर्चना की गई। महिला मंडल द्वारा जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य के थाल सजाकर नृत्य करते हुए समर्पित किए। मुनि विमल सागर जी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित किया।

ये रहे मौजूद
कार्यक्रम के अंतर्गत जैन समाज के जैन युवा संगठन, महिला मंडल, बालिका मंडल, आदिनाथ महिला मंडल के साथ युवाओं के विभिन्न समूह उपस्थित थे। कार्यक्रम में घाटोल के साथ खमेरा, सेनावासा, नरवालि, बागीदौरा, चंदूजी का गड़ा के साथ ही घाटोल नगर सेठ राजमल सेठ , झिणोदोर कमेटी के अध्यक्ष भानु भाई कोठारी, मुनि त्यागी कमेटी के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, आदिनाथ दिगंबर जैन कमेटी के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, अहिंसा मंदिर कमेटी के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, नोहरा कमेटी के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, संत भवन कमेटी के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी एवं समाज सुधार कमेटी के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी के साथ ही समाज के गणमान्य जन उपस्थित थे।













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