साधक को साधना में लीन रहना चाहिए, उसका लोक में प्रचार-प्रसार स्वयं ही हो जाता है : पट्टाचार्य विशुद्धसागर जी महाराज
दिल्ली के ऋषभ विहार स्थित ऋषभोदय में धर्मसभा को संबोधित करते हुए पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज ने साधना, क्षणभंगुर जीवन, कषायों से बचने और भोगों के वास्तविक स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सच्ची साधना का यश स्वयं फैलता है। पढ़िए श्रीफल साथी अभिषेक अशोक पाटील की यह रिपोर्ट।
दिल्ली, ऋषभोदय • अभिषेक अशोक पाटील • 18-08-2026, 10:56 pm





















