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चारों अनुयोगों से संबंधित विशेष आलेख

जानना जरूरी : मुनि महाराज के नाम के आगे 108 क्यों लगाते हैं

मुनि महाराज के नाम के आगे 108 क्यों लगाते हैं संकलन - संदीप सेठी,गुवाहाटी इसके तीन कारण हैं... 1. दरअसल मनुष्य 108 प्रकार से पाप करता है। मुनि महाराज उन पापों को रोकने के लिए मुनि बनते हैं, इसलिए उनके नाम के आगे 108 लगाते हैं। 2. मुनि महाराज के 28 मूलगुण, 22 परीषहजयी, 13 प्रकार क

इंदौर Shreephal Jain News 03-03-2023, 10:30 pm

जिनेंद्र भगवान की यात्रा रोकने पर रोष

-सीआई का हुआ स्थानांतरण धारियावाद - (संजय सेठ) \ जिनेंद्र भगवान की रथयात्रा को धारियावाद थाना के बाहर रोकने को लेकर स्थानीय जैन समाज में रोष व्याप्त है। धारियावाद सीआई ने बैंड जब्त कर भगवान एवं भक्तों को एक घंटे तक बाहर रोके रखा। इस मामले को लेकर सर्व समाज ने उपखंड अधिकारी और मुख

इंदौर Shreephal Jain News 06-12-2022, 09:01 pm

नया दावा-अशोक स्तंभ नहीं, बल्कि ‘मनोज्ञ स्तंभ’

श्रीफल न्यूज के लिए प्रकाश श्रीवास्तव की रिपोर्ट जयपुर। इतिहास में अब तक यही मान्यता रही है कि सम्राट अशाेक ने बिहार के वैशाली जिले में भगवान बुद्ध की स्मृति में सिंह वाले स्तम्भ का निर्माण कराया था। लेकिन, अब इसे लेकर एक नया दावा सामने आया है। उत्खनन में मिले पुरातात्विक अवशेषों

इंदौर Shreephal Jain News 17-07-2022, 11:00 am

जानिए तीर्थंकर भगवान का प्रथम आहार किस पदार्थ का हुआ किसने कराया

धर्मानुरागी बधुओं तीर्थंकर भगवानों के प्रथम आहार का बहुत महत्व है तो जानते है कि किस तीर्थंकर भगवान का प्रथम आहार किस पदार्थ का हुआ और किस के हाथों से हुआ- २४ तीर्थंकर में से २३ तीर्थंकरो ने दीक्षा के बाद प्रथम पारणा खीर से किया था। आदिनाथ भगवान ने हस्तिनापुर नगरी में प्रथम पारणा

इंदौर संपादक 16-03-2021, 09:06 pm