धरियावद, 17 अगस्त। आचार्य कल्प 108 श्री पुण्य सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में नगर स्थित महावीर वाटिका में उत्तम सेवा फाउंडेशन एवं नारी शक्ति महिला समूह द्वारा निःशुल्क चिकित्सीय उपकरण सेवा का शुभारंभ किया गया। अभियान के तहत गंभीर बीमार रोगियों को लंबे समय तक उपचार के लिए आवश्यक चिकित्सकीय उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसी अवसर पर उत्तम सेवा फाउंडेशन की ओर से उत्तम गो रोटी सेवा अभियान की भी शुरुआत की गई। इसके माध्यम से प्रतिदिन गो माता के लिए रोटी सेवा की जाएगी।
सेवा योजनाओं की दी जानकारी
उत्तम सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष पुष्कर राज जैन ने संगठन द्वारा संचालित विभिन्न सेवा योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में चिकित्सकीय उपकरण सेवा के पुण्यार्जक परिवार समाधिस्थ मुनि पद्मकीर्ति सागर महाराज एवं आर्यिका प्रेक्षामति माताजी के गृहस्थ परिवार से जुड़े पुत्र-पुत्रवधू राकेश-प्रियंका किकावत परिवार का अभिनंदन किया गया।
स्थायी गोशाला सेवा की अपील
सभा को संबोधित करते हुए प्रतिष्ठाचार्य पंडित हंसमुख जैन ने धरियावद नगर के तीनों प्रमुख मार्गों पर गोशालाएं स्थापित कर स्थायी सेवा योजनाओं के संचालन का आह्वान किया। उन्होंने जीवदया और गोसेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
संतों एवं पदाधिकारियों का बहुमान
फाउंडेशन के पदाधिकारियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रतिष्ठाचार्य पंडित हंसमुख जैन, बाल ब्रह्मचारिणी वीणा दीदी ‘बिगुल’, ब्रह्मचारी विकास भैया, प्रतिष्ठाचार्य पंडित भागचंद जैन, पंडित विशाल जैन एवं पंडित गजेंद्र पटवा का बहुमान किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित महानुभावों ने गो रोटी सेवा अभियान में अपने सहयोग की घोषणा की। फाउंडेशन के पुरुष एवं महिला सदस्यों ने अतिथियों का अभिनंदन किया।
सेवा का फल अवश्य मिलता है : आचार्य पुण्य सागर
आचार्य कल्प 108 श्री पुण्य सागर जी महाराज ने उत्तम सेवा फाउंडेशन के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सेवा करना सामान्य बात नहीं है। जो व्यक्ति निःस्वार्थ भाव से सेवा करता है, उसे उसका फल अवश्य प्राप्त होता है। सेवा का फल कल्पवृक्ष के समान होता है, जो जीवन में अनेक प्रकार के सुख और पुण्य प्रदान करता है।
आचार्य श्री ने कहा कि जब युवा शक्ति और अर्थशक्ति एक साथ मिलती है और उसके साथ साधु-संतों का आशीर्वाद जुड़ जाता है, तो किसी भी सेवा कार्य का दायरा और प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। अच्छे विचार और सकारात्मक सोच रखने वाला व्यक्ति कभी असफल नहीं होता और अच्छे उद्देश्यों के साथ समाजसेवा में समर्पित संस्था भी निरंतर आगे बढ़ती है।
जीवदया और अभयदान का बताया महत्व
आचार्य श्री ने जीवदया की महत्ता बताते हुए कहा कि मूक प्राणी बोल नहीं सकते, लेकिन उनकी सेवा करने पर वे मौन रूप से अपनी दुआएं देते हैं। शास्त्रों में अभयदान को श्रेष्ठ दानों में माना गया है। इसलिए गौमाता सहित अन्य मूक प्राणियों की बीमारी और संकट के समय सेवा-सुश्रूषा कर उन्हें अभयदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अभयदान देने वाला व्यक्ति दीर्घायु, यशस्वी एवं विद्यावान बनने के साथ कुलवृद्धि और लक्ष्मी की प्राप्ति करता है। उसे सौंदर्य, निर्भयता, शौर्य, धन और वैभव की प्राप्ति होती है।
आचार्य श्री ने उत्तम सेवा फाउंडेशन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को आशीर्वाद प्रदान करते हुए सेवा, जीवदया एवं परोपकार के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने की मंगलकामना की।
भक्तामर विधान के 18वें दिन पांच परिवारों ने लिया लाभ
आचार्य कल्प 108 श्री पुण्य सागर जी महाराज ससंघ 20 पिच्छी का इस वर्ष का वर्षायोग धरियावद नगर की महावीर वाटिका में चल रहा है। वर्षायोग के दौरान 48 दिवसीय भक्तामर विधान का भी भव्य आयोजन किया जा रहा है।
विधान के 18वें दिन मंगलवार को पांच पुण्यार्जक परिवारों ने विधान में लाभ लेकर पुण्यार्जन किया। इस दौरान महावीर वाटिका का वातावरण भक्ति, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।
सेवा और परोपकार का संदेश
चिकित्सकीय उपकरण सेवा के माध्यम से जरूरतमंद रोगियों को उपचार में सहायता उपलब्ध कराने तथा गो रोटी सेवा के माध्यम से जीवदया को बढ़ावा देने की यह पहल सामाजिक सेवा और धार्मिक भावना का समन्वित उदाहरण बनी। संत सान्निध्य में प्रारंभ हुए इन सेवा कार्यों से समाज में परोपकार, करुणा और जीवदया की भावना को मजबूती मिलने की उम्मीद है।



