इंदौर। जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने के सेवा अभियान को मजबूत करते हुए मोयरा ग्रुप ने सदाचार समिति को अत्याधुनिक ऑटोमेटिक रोटी बनाने की मशीन भेंट की। नवलखा स्थित सदाचार समिति परिसर में आयोजित कार्यक्रम में आयुक्त क्षितिज सिंघल एवं मोयरा ग्रुप के संदीप जैन की उपस्थिति में मशीन का लोकार्पण किया गया।
सेवा को मिलेगी नई रफ्तार
संदीप जैन ने सदाचार समिति के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाना मानव सेवा का महत्वपूर्ण कार्य है। संस्था लंबे समय से हजारों लोगों तक भोजन पहुंचा रही है। इसी सेवा को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मोयरा ग्रुप ने यह मशीन उपलब्ध कराई है।
प्रतिदिन हजारों लोगों तक भोजन
सदाचार समिति के अध्यक्ष डॉ. अनिल भंडारी एवं सचिव भरत डोशी ने बताया कि समिति पिछले 40 वर्षों से इंदौर के अस्पतालों और शहर के विभिन्न केंद्रों पर प्रतिदिन दो से ढाई हजार भोजन पैकेट जरूरतमंदों को वितरित करती है। कमजोर गर्भवती महिलाओं और अति कुपोषित बच्चों को हाई प्रोटीन डाइट एवं न्यूट्रीशन किट भी उपलब्ध कराई जाती है।
एक घंटे में 1200 रोटियां
मोयरा ग्रुप द्वारा प्रदान की गई मशीन करीब एक घंटे में 1200 रोटियां तैयार करने में सक्षम है। इससे रोटी बनाने में लगने वाला समय और श्रम दोनों कम होंगे तथा भोजन सेवा को अधिक व्यवस्थित और तेज गति से संचालित किया जा सकेगा।

सेवा भावना की सराहना
मुख्य अतिथि क्षितिज सिंघल ने सदाचार समिति के सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए इसे मानव सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। कोरोना काल में भी समिति ने बड़ी संख्या में जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाकर सेवा का उल्लेखनीय कार्य किया था।
अनेक गणमान्यजन रहे मौजूद
कार्यक्रम में मोयरा ग्रुप के दीपक श्रॉफ, कपिल जी, हसमुख गांधी, खिची जी सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया और मोयरा ग्रुप के संदीप जैन सहित सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
तकनीक के साथ सेवा का विस्तार
मोयरा ग्रुप की यह पहल सेवा कार्यों में तकनीक के सार्थक उपयोग का उदाहरण है। नई मशीन के माध्यम से सदाचार समिति की भोजन सेवा को गति मिलेगी और अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक समय पर भोजन पहुंचाने में मदद मिलेगी।
सेवा सहयोग के लिए आभार
सदाचार समिति ने मोयरा ग्रुप एवं संदीप जैन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सहयोग सेवा कार्यों को विस्तार देने के साथ समाज में मानवता और परोपकार की भावना को भी मजबूत करते हैं।



