कुंभोज। वीराचार्य बाबासाहेब कुचनुरे जी की पुण्यतिथि के पावन अवसर पर कुंभोज में शाकाहार के प्रचार-प्रसार एवं व्यसनमुक्ति का संदेश देते हुए भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम आचार्य चंद्रप्रभ सागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

वीराचार्य के जीवन से प्रेरणा

आचार्य चंद्रप्रभ सागर जी महाराज ने कहा कि वीराचार्य एड. बाबासाहेब कुचनुरे जी महान जैन समाज सुधारक एवं वीर सेवा दल के प्रमुख प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने आजन्म ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए दिगंबर जैन समाज के युवाओं को संगठित करने, शाकाहार, व्यसनमुक्ति और आदर्श नेतृत्व के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

प्मुख मार्गों से निकली शोभायात्रा

कुंभोज के श्रावक बा. ब्र. श्री संदीप पाटील भैया जी ने बताया कि शोभायात्रा पार्श्वनाथ जैन मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आदिनाथ मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने शाकाहार एवं व्यसनमुक्ति का संदेश दिया और धार्मिक जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

24 रथ रहे आकर्षण का केंद्र

शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण 24 रथ रहे। इनमें अनेक जिन प्रतिमाओं को आकर्षक ढंग से विराजमान किया गया था। शोभायात्रा में घोड़े, बग्गी, दिव्य घोष तथा धर्मध्वजा लिए महिला मंडल भी शामिल रहा। महिलाओं ने सफेद ड्रेस कोड में तथा पुरुष वर्ग ने विशेष सफेद वस्त्रों के साथ ‘वीराचार्य’ लिखी टोपी पहनकर सहभागिता की।

जनप्रतिनिधियों ने की सहभागित

वीराचार्य बाबासाहेब कुचनुरे जी की पुण्यतिथि के अवसर पर माननीय नामदार प्रकाशजी आबिटकर, सार्वजनिक आरोग्य एवं कुटुंब कल्याण मंत्री तथा पालकमंत्री कोल्हापूर जिला, मा. सांसद धैर्यशील माने (दादा), खासदार हातकणंगले लोकसभा मतदारसंघ, मा. विधायक राहुल प्रकाश आवाडे जी, मा. विधायक अशोकराव माने (बापू), माननीय श्री इंद्रजीत देशमुख (काकाजी), मुख्य वक्ता एवं पूर्व सनदी अधिकारी आईएएस सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

पुष्पवर्षा और जयघोष

शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह समाजजनों एवं जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। भक्तों ने भगवान श्रीजी की आरती उतारी और ‘वीराचार्य बाबासाहेब कुचनुरे जी की जय’ के जयघोष लगाए। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने शाकाहार एवं व्यसनमुक्त जीवन का संकल्प लेने का संदेश दिया।

युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत

वीराचार्य बाबासाहेब कुचनुरे जी का जीवन समाजसेवा, संयम, शाकाहार और युवाओं के संगठन के लिए प्रेरणादायी बताया गया। आयोजन के माध्यम से समाज में व्यसनमुक्ति और शाकाहार को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

आयोजन में समाज की सहभागिता

कार्यक्रम में जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं, महिला मंडलों, युवा वर्ग एवं विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयोजन के सफल संचालन में समाजजनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।