डिडवाना रोड पर निर्मित श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के तेरहवें वर्ष में प्रवेश होने पर मंदिर में वार्षिक उत्सव मनाया गया। जलाभिषेक, पूजन, भक्तामर आरती, णमोकार मंत्र जाप पाठ सहित नित्य देव पूजन आदि किए गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहीं। पढ़िए कुचामन सिटी से सुभाषचंद पहाड़िया की यह खबर…
कुचामन सिटी। आचार्य विद्यासागरजी महाराज के आशीर्वाद और जंगल वाले बाबा चिन्मयसागरजी महाराज के सानिध्य से डिडवाना रोड पर निर्मित श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के तेरहवें वर्ष में प्रवेश होने पर मंदिर में वार्षिक उत्सव मनाया गया। श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर अध्यक्ष लालचंद पहाड़िया ने बताया कि मूलनायक भगवान महावीर 7.25 फीट प्रतिमा का सुबह 7 बजे 51 श्रावकों ने जलाभिषेक किया।
जलाभिषेक और शांतिधारा इन सौभाग्यशालियों ने की
प्रथम जलाभिषेक और शांतिधारा करने का सौभाग्य संतोषकुमार, प्रवीण, विपिन पहाड़िया परिवार, द्वितीय शांतिधारा का सौभाग्य चिरंजीलाल अशोककुमार, भव्यकुमार पाटोदी परिवार को मिला। आदिनाथ भगवान की प्रथम शांतिधारा का सौभाग्य तेजकुमार पंकजकुमार, प्रवीणकुमार बड्जात्या परिवार, द्वितीय शांतिधारा का सौभाग्य विमलचंद, विनयकुमार, विकास पहाड़िया परिवार को प्राप्त हुआ। भगवान शांतिनाथ की प्रथम शांतिधारा का सौभाग्य केसरदेवी माता राजेशकुमार, मनोजकुमार पांड्या परिवार, द्वितीय शांतिधारा का सौभाग्य लालचंद, कमलकुमार, सुभाषचंद, सुनील, पीयूष पहाड़िया परिवार को मिला। पंच परमेष्ठी विधान में मंगल कलश स्थापना और दीप प्रज्वलन के बाद सभी श्रावक-श्राविकाओं ने पूजन और विधान में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
णमोकार महामंत्र का जाप किया
सचिव मुकेश काला ने बताया कि विधान सुरेशकुमार पांड्या के सानिध्य में किया गया। नित्य देव पूजन के बाद पंच परमेष्ठी विधान किया गया। रात्रि 7 बजे से भक्तामर की आरती की गई और णमोकार महामंत्र का जाप किया गया। जिसमें सभी श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया।













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