समाचार

भगवान आदिनाथ का मोक्ष कल्याणक मनाया गयाः तीर्थंकरों का पुनः संसार में आगमन नहीं होता


पुराना जी.टी.रोड स्थित श्री पार्श्व पद्मावती धाम दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र में श्री आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक दिवस मनाया गया। सभी तीर्थंकरों के पांच कल्याणक होते हैं। इनमें अंतिम कल्याणक मोक्ष कल्याणक होता है। याद रहें कि मोक्ष कल्याणक के माध्यम से भगवान आदिनाथ ने हजारों वर्ष पूर्व आज ही के दिन मोक्ष पद प्राप्त किया था। पढ़िए पलवल से नितिन जैन की यह पूरी खबर…


पलवल (हरियाणा) पुराना जी.टी.रोड स्थित श्री पार्श्व पद्मावती धाम दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र में श्री आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक दिवस मनाया गया। प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का अभिषेक, परिमार्जन करने का सौभाग्य नितिन जैन, अमन जैन व अरिहंत जैन को मिला। शांतिधारा करने का सौभाग्य गोपीचंद जैन आगरा निवासी को प्राप्त हुआ।

तीर्थंकरों के पांच कल्याणक होते हैं 

श्रीजी की पूजा क्षेत्र के व्यवस्थापक नितिन जैन के सानिध्य में की गई। पूजन के मध्य में निर्वाण कांड पढ़कर निर्वाण लाड़ू चढ़ाया गया। तीर्थ के अध्यक्ष विनोद जैन ने बताया कि आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक शाश्वत चतुर्दशी के दिन मनाया जाता है। सभी तीर्थंकरों के पांच कल्याणक होते हैं। इनमें अंतिम कल्याणक मोक्ष कल्याणक होता है। मोक्ष कल्याणक में तीर्थंकर शरीर, कर्म आदि से मुक्त होकर सिद्ध हो जाते हैं।

तीर्थंकरों का पुनः संसार में आगमन नहीं होता

तीर्थंकरों का पुनः संसार में आवागमन नहीं होता है। उन्होंने बताया कि मनुष्य जीवन के लिए संसार से मुक्ति सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि होती है। मोक्ष कल्याणक के माध्यम से भगवान आदिनाथ ने हजारों वर्ष पूर्व आज ही के दिन मोक्ष पद प्राप्त किया था। सायंकालीन सभा में भक्तिमय आरती के साथ 48 दीपकों द्वारा भक्तामर दीप अर्चना की गई। इस अवसर पर शीतल जैन, अनुज जैन, मेघा जैन आदि उपस्थित रहे।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
1
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page