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पंढरपुर जाते समय मालगांव में मुनिसंघ का मंगलप्रवेश: आचार्यश्री विशुद्धसागर जी के हाथों सुहास और स्मिता केरीमाने को मिली पिच्छी


आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज जी ससंघ का मालगांव में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। यहां के इतिहास में पहली बार इतना विशाल मुनी संघ आया है। यहां 34 मुनिराजों का एक साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ है। मालगांव में सुबह आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के प्रवचन हुए और आहार चर्या हुई। प्रवचन उपरांत मुनिसंघ पंढरपुर की ओर विहार कर रहे हैं। 1 से 5 फरवरी तक पंढरपुर में पंचकल्याणक महोत्सव होगा। कोल्हापुर से अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर…


कोल्हापुर (महाराष्ट्र )। आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज जी ससंघ का मालगांव में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। यहां के इतिहास में पहली बार इतना विशाल मुनी संघ आया है। यहां 34 मुनिराजा ेंका एक साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ है। मालगांव में सुबह आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के प्रवचन हुए और उसके बाद आहार चर्या हुई। चर्या शिरोमणी आचार्यश्री विशुद्धसागर महाराज जी एवं विचित्र बाते प्रणेता मुनिश्री सर्वार्थसागर महाराज जी के भक्त मालगांव निवासी सुहास केरीमाने ने बताया कि सोमवार को मालगांव में आचार्यश्री विशुद्ध सागरजी महाराज, श्री सुव्रत सागर जी महाराज, श्री अनुत्तर सागर जी महाराज, मुनिश्री यशोधर सागर महाराज जी, मुनिश्री सौम्य सागर जी महाराज, श्री सिद्धसागर महाराज आदि 32 मुनि महाराज सहित आचार्य श्री चंद्रप्रभू सागर महाराज (चंदाबाबा ) एवं मुनिश्री सरल सागर महाराज जी 34 मुनि महाराज जी पुण्यनगरी मालगांव में पधारे। रविवार को जयसिंगपुर में सुबह गणतंत्र दिवस पर प्रवचन संपन्न हुआ। आहारचर्या के बाद जयसिंगपुर से मिरज विहार हुआ और रात्रि मिरज में विश्राम हुआ। सोमवार सुबह मिरज से मालगांव की ओर विहार हुआ।

केरीमाने भाई-बहन का हुआ भाग्योदय, मिली पिच्छी

अभिषेक अशोक पाटील, कोल्हापूर ने बताया कि मालगांव में आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज जी की पिच्छी आचार्य श्री चंद्रप्रभु सागर महाराज जी को प्राप्त हुई और आचार्य श्री चंद्रप्रभु सागर महाराज जी की पिच्छी आचार्यश्री विशुद्धसागर महाराज जी ने सुहास केरीमाने भैया और स्मिता केरीमाने प्रदान की। दोनों भाई-बहन की खूब अनुमोदना हुई। इन भाई-बहन की माता जी सुनीता केरीमाने बेहद धार्मिक थीं। सुनीता केरीमाने जी प्रतिमाधारी थीं, उनकी सल्लेखना पूर्वक धर्मनगर में समाधि हुई थी। उनके ही उत्तम संस्कार दोनों बच्चों पर हैं। दोपहर मालगांव में आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज जी के प्रवचन के बाद आचार्य श्री ससंघ पंढरपुर की ओर रवाना हुए। पंढरपुर में पंचकल्याणक महोत्सव 1 से 5 फरवरी 2025 तक मनाया जाएगा।

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