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चातुर्मास के दौरान धर्मसभा में प्रवचन : मनुष्य पर्याय चिंतामणि रत्न के समान हैं -आचार्य विनिश्चयसागर


मनुष्य पर्याय से बढ़कर कोई सौभाग्य नहीं हैं, ये सबसे बड़ा सौभाग्य हैं जो आपको प्राप्त हुआ है। आप इसे महसूस करें तभी आप मानव पर्याय की महत्त्वता समझ सकेंगे। उक्त विचार परम पूज्य आचार्य श्री विनिश्चयसागर जी महाराज ने श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन चैत्यालय मंदिर बताशा बाजार भिण्ड में धर्म सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट…


भिण्ड। सांसारिक प्राणी सदैव अपने दुखों का रोना रोता रहता है। वर्तमान में अधिकांशतः लोग दुखी रहते हैं, रोते रहते हैं, अपने भाग्य को कोसते रहते हैं, अपनी किस्मत को खराब कह हैं और वे कहते हैं कि हमारे पास तो कुछ है ही नहीं। हमें ये नहीं मिला, हमें वो नहीं मिला। लेकिन शिकायत करने वाले, रोने धोने वाले लोग ये नहीं जानते कि तुम्हें ये मनुष्य पर्याय मिली है, ये अनमोल है। ये मानव पर्याय चिंतामणि रत्न के समान हैं। संसार में ऐसी कोई वस्तु/पदार्थ नहीं, जिसे इस चिंतामणि से प्राप्त न किया जा सके। बशर्ते तुम्हें उस चीज/पदार्थ को प्राप्त करना आना चाहिए। मनुष्य पर्याय से बढ़कर कोई सौभाग्य नहीं हैं, ये सबसे बड़ा सौभाग्य हैं जो आपको प्राप्त हुआ है। आप इसे महसूस करें तभी आप मानव पर्याय की महत्त्वता समझ सकेंगे। उक्त विचार परम पूज्य आचार्य श्री विनिश्चयसागर जी महाराज ने श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन चैत्यालय मंदिर बताशा बाजार भिण्ड में धर्म सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

9 जुलाई को होगा मंगल कलश स्थापना समारोह

आज की धर्मसभा का शुभारंभ मंगलाचरण के साथ हुआ। श्रावक श्रेष्ठि अशोक महामाया, कृष्ण कुमार, अशोक जैन, विनोद जैन द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। तत्पश्चात पुण्यशाली गुरु भक्तों ने पूज्य गुरुदेव का पाद प्रक्षालन किया। जिनवाणी वंदना के साथ धर्मसभा का समापन हुआ। ज्ञातव्य हो कि गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य श्री विनिश्चय सागर जी महाराज ससंघ का मंगल वर्षायोग 2023 बताशा बाजार भिण्ड में होने जा रहा है। रविवार 9 जुलाई को दोपहर 12 बजे से भव्य मंगल कलश स्थापना समारोह ऋषभ सत्संग भवन भिण्ड में आयोजित होगा।

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