महावीर इंटरनेशनल ने अपने 52वें स्थापना दिवस के सेवा पखवाड़े के अंतर्गत विश्व युवा कौशल दिवस पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में 6 छत के पंखे भेंट कर छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की पहल की। पढ़िए श्रीफल साथी सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट।
कुचामन सिटी। महावीर इंटरनेशनल एपेक्स के 52वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 1 से 15 जुलाई तक आयोजित “दोस्ती से सेवा, सबकी सेवा–सबको प्यार” सेवा पखवाड़े के अंतर्गत बुधवार, 15 जुलाई 2026 को विश्व युवा कौशल दिवस पर राजकीय कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, शाकंभरी गेट, स्टेशन रोड में 6 छत के पंखे भेंट किए गए।
शिक्षा और सेवा का संगम
कार्यक्रम सुरजीदेवी काबरा बालिका विद्यालय के प्रधानाचार्य मदनलाल भीचर की प्रेरणा तथा रतन देवी शर्मा के सानिध्य में आयोजित हुआ। विद्यालय की छात्राओं को बेहतर अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह सेवा कार्य किया गया।
शिक्षा पर दिया प्रेरक संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि “शिक्षा ही सफलता, संस्कार और समृद्धि की सच्ची कुंजी है। शिक्षित व्यक्ति स्वयं के साथ-साथ परिवार, समाज और राष्ट्र की उन्नति में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।”
सेवा कार्य में रहा व्यापक सहयोग
इस अवसर पर संस्था के वीर कैलाशचंद पाण्डया, वीर रामावतार गोयल, वीर अजित पहाड़िया, वीर सुरेश गंगवाल, वीरा सरोज पाटनी, वीर नंदकिशोर, वीरा विजयकोर बिडसर, वीर अशोक, वीरा सीता गंगवाल, वीर किशोर, वीरा गायत्री सेवदा, वीर विकास-नीतू पाटनी, वीर अशोक अजमेरा, वीर सुरेन्द्र सिंह दीपपुरा, वीर विजय, वीर अर्पित पहाड़िया, वीर राहुल झांझरी, वीरा सुनीता गंगवाल एवं वीर राखी बड़जात्या ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई।
विद्यालय परिवार का सराहनीय सहयोग
कार्यक्रम में अध्यापिका श्रीमती प्रेम जान्दू, श्रीमती शारदा चौधरी, श्रीमती शायरी, श्रीमती ललिता चौधरी एवं श्रीमती सुशीला गुगड़वाल ने भी सहयोग प्रदान कर आयोजन को सफल बनाया।
समाज के लिए प्रेरणादायी पहल
महावीर इंटरनेशनल ने शिक्षा, संस्कार और सामाजिक सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
समापन
कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। संस्था के सदस्यों ने शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग और सेवा की इस परंपरा को आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया।













Add Comment