भगवान ऋषभदेव की जन्मजयंती हर्षोल्लासपूर्वक एवं प्रभावना के साथ सम्पन्न की गई। शाश्वत तीर्थ अयोध्या में गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के सानिध्य में यह भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। अयोध्या स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर, रायगंज में प्रातःकाल ऐरावत हाथी पर सौधर्म इन्द्र के रूप में अध्यात्म जैन, अर्पिता जैन एवं सम्यक जैन (लखनऊ) द्वारा भगवान के जन्मकल्याणक को पाण्डुक शिला पर अभिषेक कर मनाया गया। पढ़िए अभिषेक अशोक पाटील की रिपोर्ट…
अयोध्या। भगवान ऋषभदेव की जन्मजयंती हर्षोल्लासपूर्वक एवं प्रभावना के साथ सम्पन्न की गई। शाश्वत तीर्थ अयोध्या में गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के सानिध्य में यह भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। अयोध्या स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर, रायगंज में प्रातःकाल ऐरावत हाथी पर सौधर्म इन्द्र के रूप में अध्यात्म जैन, अर्पिता जैन एवं सम्यक जैन (लखनऊ) द्वारा भगवान के जन्मकल्याणक को पाण्डुक शिला पर अभिषेक कर मनाया गया। परम पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ के सानिध्य एवं आचार्य श्री भद्रबाहू सागर जी महाराज ससंघ के मार्गदर्शन में भगवान ऋषभदेव एवं चक्रवर्ती भरत स्वामी की जन्मजयंती का कार्यक्रम अत्यंत भावनापूर्वक सम्पन्न हुआ।
हुआ भव्य विधान
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रातःकाल रायगंज मंदिर स्थित पाण्डुक शिला पर भगवान का पंचामृत अभिषेक एवं भगवान ऋषभदेव विधान सम्पन्न किया गया। इसके पश्चात विशाल रथयात्रा अयोध्या तीर्थ के मुख्य मार्गों से होती हुई भगवान ऋषभदेव की जन्मस्थान टोंक पर पहुँची, जहाँ भगवान का पंचामृत अभिषेक सम्पन्न हुआ। जन्मस्थान पर स्थित भगवान के प्राचीन चरणों का भी अभिषेक किया गया।
निकाली गई रथयात्रा
रथयात्रा में ऐरावत हाथी, अवध प्रांत के विभिन्न जैन मंदिरों से विराजमान भगवंतों की झांकियाँ, रथ-बग्गियाँ, साधुगण, मंगल कलश लिए महिलाएँ एवं पुरुष वर्ग पूजन वेशभूषा में बैंड-बाजों के साथ भगवान के अहिंसामयी सिद्धांतों का शंखनाद करते हुए सम्मिलित हुए। रथयात्रा में भगवान को लेकर बैठने का सौभाग्य श्री सुभाषचंद सुयश जैन (लखनऊ, टिकेटनगर) को प्राप्त हुआ, जबकि सारथी के रूप में श्री विनोद कुमार शकुंतला जैन (उत्तमनगर, दिल्ली) रहे। भगवान भरत को लेकर परमेन्द्र जैन परिवार (टिकेटनगर) ने सहभागिता की। धनकुबेर सिद्धार्थ जैन एवं दीप्ति जैन (लखनऊ) भी रथयात्रा में सम्मिलित हुए।
रथयात्रा रामपथ होते हुए तुलसी उद्यान, स्वर्गद्वार स्थित जन्मस्थान टोंक पहुँची। मार्ग में भगवान के जन्मकल्याणक के उपलक्ष्य में नगरवासियों को लड्डू-मिष्ठान का वितरण किया गया तथा पूजन-अभिषेक सम्पन्न हुआ।
इन्हें मिला सौभाग्य
मध्याह्न में रायगंज दिगम्बर जैन मंदिर में भगवान ऋषभदेव की 31 फुट ऊँची विशाल प्रतिमा का परम्परागत मस्तकाभिषेक अनेक द्रव्यों से किया गया। सर्वप्रथम कलश करने का सौभाग्य सुभाषचंद शुभम जैन (फैजाबाद) को प्राप्त हुआ। द्वितीय कलश डॉ. राधा जैन एवं दिनेश जैन (लखनऊ), तृतीय कलश श्री राजकुमार जैन (पटना) द्वारा सम्पन्न किया गया।
इसके अतिरिक्त विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक इस प्रकार सम्पन्न हुआ…
नारियल जल से नितीश कुमार चौक (लखनऊ), इक्षुरस से श्री पुखराज पाण्डया (गोरखपुर), घी से अभिषेक श्री चन्द्रशेखर कासलीवाल, दूध से अभिषेक श्री नितीश जैन (लखनऊ), दही से अभिषेक प्रदीप कुमार एवं अभिषेक जैन (बहराइच), सर्वोषधि से अभिषेक संजय जैन एवं निधेश जैन (टिकेटनगर), हरिद्रा से अभिषेक अनुज जैन एवं अरिहंत जैन (फैजाबाद), लाल चंदन से अभिषेक भरत जैन एवं वर्धमान जैन (टिकेटनगर), चतुष्कोण कलश से अभिषेक अनुज, सोमिल, नीशू एवं रोमा जैन (लखनऊ), विजय कुमार एवं रश्मि जैन (लखनऊ)। मंगल आरती अनिल शरत बाकलीवाल द्वारा सम्पन्न की गई। केसर से अभिषेक योगेश जैन एवं जितेन्द्र जैन (लल्ला भैया, फतेहपुर महमूदाबाद) द्वारा किया गया। पूर्णकलश का सौभाग्य सुरेशचंद जैन (खंडवा) को प्राप्त हुआ। अंत में शांतिधारा जितेन्द्र जैन एवं वैशाली जैन (लल्ला भैया, फतेहपुर) द्वारा सम्पन्न की गई। इसी क्रम में भगवान भरत स्वामी की 31 फुट ऊँची प्रतिमा का सम्पूर्ण पंचामृत अभिषेक नितीश जैन एवं शालिनी जैन (लखनऊ) द्वारा किया गया। सायंकाल 1008 दीपकों द्वारा आरती सम्पन्न की गई तथा भगवान का पालना झुलाने का सौभाग्य अवध प्रांत से आए सभी भक्तों को प्राप्त हुआ। सम्पूर्ण कार्यक्रम प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती के मार्गदर्शन में तथा पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी के कुशल नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
ये भी रहे मौजूद
इस अवसर पर श्री अमरचंद जैन, विजय कुमार जैन, डॉ. जीवन प्रकाश जैन, तेजकुमार जैन, अंकुर जैन (बाराबंकी), टिकेटनगर से अतुल जैन, राजन जैन, निधेश जैन, पारस जैन सहित अवध प्रांत, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, लखनऊ, कानपुर आदि स्थानों से आए अनेक भक्तगण उपस्थित रहे।













Add Comment