समाधिस्थ आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागरजी के शिष्य मुनिश्री सुधासागर जी की प्रेरणा से राजस्थान प्रांत में संचालित श्रमण संस्कृति संस्थान बोर्ड सांगानेर जयपुर ने 12 वर्षीय स्वाध्याय पाठ्यक्रम की ललितपुर के विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की। इस परीक्षा में 550 परीक्षार्थी सम्मलित हुए। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर…
ललितपुर। समाधिस्थ आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागरजी के शिष्य मुनिश्री सुधासागर जी की प्रेरणा से राजस्थान प्रांत में संचालित श्रमण संस्कृति संस्थान बोर्ड सांगानेर जयपुर ने 12 वर्षीय स्वाध्याय पाठ्यक्रम की ललितपुर के विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की। इस परीक्षा में 550 परीक्षार्थी सम्मलित हुए। शहर में तीन परीक्षा केंद्र बनाए गए। जिनमें श्री अभिनंदनोदय तीर्थक्षेत्र, दिगम्बर जैन अटा मंदिर, बडा जैन मंदिर एवं शांतोदय तीर्थक्षेत्र चांदपुर-जहाजपुर को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा की व्यवस्थाओं में दिगंबर जैन पंचायत समिति (रजि.) समिति के अध्यक्ष डॉ.अक्षय टडैया, महामंत्री आकाश जैन, कोषाध्यक्ष सौरभ जैन सीए, संयोजक सनत जैन खजुरिया, शिक्षामंत्री प्रफुल्ल जैन, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, अभिनंदनोदय तीर्थक्षेत्र प्रबंधक मोदी पंकज जैन, अशोक जैन दैलवारा, मनोज जैन बबीना, अजय जैन गंगचारी, अजित जैन गदयाना, आनंद जैन भागनगर की निगरानी में मुकेश शास्त्री, राजेश शास्त्री, दिलीप शास्त्री, जितेन्द्र जैन राजू, प्रवक्ता राहुल जैन, शिक्षक पुष्पेंद्र जैन, सुरेंद्र जैन, सत्येंद्र जैन गदयाना, आयुष शास्त्री, सुरेंद्र जैन, अमित जैन,नयन शास्त्री, सत्यम सिंघई,शीलचंद्र शास्त्री, सचिन जैन, पारस जैन, अपूर्व जैन, सचिन शास्त्री, अंकित शास्त्री सौजना का विशेष सहयोग रहा।
उत्तीर्ण होने पर उपाधियां प्रदान की जाएंगी
परीक्षा प्रभारी आलोक मोदी,राजेश शास्त्री के अनुसार श्रमण संस्कृति संस्थान बोर्ड सांगानेर जयपुर द्वारा 12 वर्षीय स्वाध्याय पाठ्यक्रम में ललितपुर नगर के परीक्षार्थियों ने इस परीक्षा में प्रतिभागिता निभाई। परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद सिद्धांत शास्त्री, सिद्धांत विशारद, सिद्धांत आचार्य की उपाधि प्रदान की जाएगी। परीक्षा प्रभारी ने बताया कि परीक्षा में अनुपस्थित अभ्यर्थियों की परीक्षा 26 अप्रैल को पुनः आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुनि श्री सुधासागरजी की प्रेरणा से राजस्थान प्रांत में संचालित श्रमण संस्कृति संस्थान बोर्ड सांगानेर जयपुर द्वारा संपूर्ण देश और विदेश में लगभग 20 हजार से अधिक परीक्षार्थी जैन धर्म का स्वाध्याय यू ट्यूब चैनल एवं ऑफलाइन माध्यम से अध्ययन कर रहे हैं।













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