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भगवान अजितनाथ का मोक्ष कल्याणक मनाया गया : सोच को बदला जा सकता है सत्य को नहीं – मुनि सुधासागर महाराज


भगवान अजितनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज के सानिध्य में बडी धूमधाम से मनाया गया। मुनिश्री के सानिध्य में अतिशयकारी मूल नायक भगवान अजितनाथ का महामस्तकाभिषेक किया और शांति धारा की गई। पढ़िए राजीव सिंघाई की विशेष रिपोर्ट…


महरौनी (ललितपुर)। भगवान अजितनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज के सानिध्य में बडी धूमधाम से मनाया गया। मुनिश्री के सानिध्य में अतिशयकारी मूल नायक भगवान अजितनाथ का महामस्तकाभिषेक किया और शांति धारा की गई। शांतिधारा करने का सौभाग्य प्रशांत सिंघई बंटी एवं प्रमोद सिंघई को प्राप्त हुआ, वहीं पांडूशिला पर शांतिधारा भागचंद सिलौनिया और अनिल मिठया द्वारा की गई। इस मौके पर निर्वाण लाडू चढ़ाया गया।

धर्मसभा को किया संबोधित

यशोदय तीर्थ पर मुनिपुंगव सुधासागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत कुछ करने की इच्छा है लेकिन कुछ नहीं कर पा रहे। अतृप्त होकर जो मरते हैं, वह व्यंतर की योनि में भटकते रहते हैं। सोच को बदला जा सकता है लेकिन सत्य को नहीं बदल सकते। अपनी दृष्टि सही हो तो सत्य को खोजने के लिए किताबों की आवश्यकता नहीं है। सृष्टि को नहीं दृष्टि को बदलो, तभी उद्धार होगा । मिथ्यात्व यह है कि हम अपने स्वार्थ के लिए हर गलत क्रिया को भी सही मान रहे हैं। सत्य को बदला नहीं जा सकता है परन्तु सोच को सत्य के साथ बदल सकते हैं।

 

श्रीफल अर्पित किया

ललितपुर से वाहन रैली के रूप में सैकड़ों युवा मुनिश्री सुधासागर महाराज के दर्शन किए पधारे और दिगम्बर जैन पंचायत ललितपुर के अध्यक्ष अनिल अंचल के नेतृत्व में सभी ने मुनि संघ को श्रीफल अर्पित कर ललितपुर के सानिध्य हेतु निवेदन किया। मुनिश्री सुधासागर महाराज को आहार देने का सौभाग्य अजित खंजाची और क्षुल्लक गम्भीर सागर को आहार देने का सौभाग्य अनिल दिलीप मिठया को प्राप्त हुआ।

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