कुण्डलपुर में आयोजित धर्मसभा में निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 समतासागर जी महाराज ने बड़े बाबा की साधना स्थली के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस वर्ष का चातुर्मास धर्मप्रभावना का महापर्व बनेगा। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। पढ़िए श्रीफल साथी राजीव सिंघई की यह रिपोर्ट।
कुण्डलपुर (दमोह)। बड़े बाबा के पावन दरबार में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 समतासागर जी महाराज ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का कुण्डलपुर के बड़े बाबा के प्रति समर्पण अद्वितीय था। प्रथम दर्शन में ही वे प्रभु के चरणों में पूर्णतः समर्पित हो गए थे और भावविभोर होकर उनकी आँखों से आनंदाश्रु बह निकले।
आचार्य विद्यासागर की सर्वोच्च साधना स्थली
मुनिश्री ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने अपने गुरु आचार्य श्री ज्ञानसागर महाराज एवं अपने आराध्य बड़े बाबा को जीवन का सर्वोच्च स्थान दिया। जन्म, दीक्षा और आचार्य पद भले ही अन्य स्थानों पर प्राप्त हुए हों, लेकिन उनकी सर्वोच्च साधना स्थली कुण्डलपुर ही रही। आज भी इस पवित्र भूमि का प्रत्येक कण उनकी तपस्या और आध्यात्मिक ऊर्जा का साक्षी है।
चातुर्मास बनेगा धर्मवर्षा का पर्व
उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुण्डलपुर का चातुर्मास केवल वर्षा ऋतु का नहीं, बल्कि धर्मवर्षा का महापर्व बनेगा। भगवान और गुरु की वाणी से श्रद्धालुओं के जीवन में धर्म, संयम और आत्मचिंतन की वर्षा होगी। उन्होंने बताया कि आचार्य श्री समयसागर महाराज की आज्ञा एवं आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की कृपा से यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
गुरु पूर्णिमा पर होंगे विशेष आयोजन
मुनिश्री ने बताया कि 29 जुलाई 2026 को आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर भगवान महावीर के प्रथम गणधर गौतम स्वामी की दीक्षा का स्मरण किया जाएगा। इस अवसर पर गौतम स्वामी की भव्य पूजन, गुरु परंपरा का गुणगान, 108 महादीपों से महाआरती तथा श्रद्धालुओं को विशेष गुरु-मंत्र प्रदान किया जाएगा। सम्राट श्रेणिक एवं महारानी चेलना के स्वरूप में भगवान महावीर के समवसरण की भावपूर्ण पूजन भी होगी।
ऐतिहासिक मंगल अगवानी बनी आकर्षण
राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन ‘विद्यावाणी’ एवं प्रचारमंत्री जय कुमार जैन ‘जलज’ ने बताया कि रविवार को निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर जी महाराज, मुनि श्री पवित्रसागर जी महाराज, ऐलक निश्चयसागर जी एवं ऐलक निजानंदसागर जी ससंघ की ऐतिहासिक मंगल अगवानी हुई। कुण्डलपुर में विराजमान ऐलक श्री चैत्यसागर जी महाराज ससंघ सहित सभी ऐलक एवं क्षुल्लक संघ ने पादप्रक्षालन कर भव्य स्वागत किया।
हजारों श्रद्धालुओं की रही सहभागिता
दमोह से कुण्डलपुर तक मार्ग श्रद्धालुओं के वाहनों से भरा रहा। मध्यप्रदेश सहित अनेक राज्यों से लगभग 50 बसों एवं सैकड़ों चारपहिया वाहनों के माध्यम से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। महिला मंडलों ने पारंपरिक वेशभूषा में शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का संचालन अमित पड़रिया एवं अजय अहिंसा बांकल ने किया। ज्ञातव्य है कि सभी ऐलक एवं क्षुल्लक आचार्य श्री के निर्देशानुसार कुण्डलपुर में मुनिसंघ के साथ चातुर्मास करेंगे।













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