कुचामन सिटी के श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में अष्टान्हिका पर्व के अंतर्गत आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान के सप्तम दिवस पंच परमेष्ठी की आराधना करते हुए 851 अर्घ्य समर्पित किए गए। श्रद्धालुओं ने कलशाभिषेक, शांतिधारा एवं महाआरती में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पढ़िए श्रीफल साथी सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट।
कुचामन सिटी। श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डीडवाना रोड में विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं सर्वजन मंगल की भावना के साथ आयोजित अष्टान्हिका पर्व के अंतर्गत नौ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के सप्तम दिवस विविध धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ सम्पन्न हुए।
कलशाभिषेक एवं शांतिधारा
प्रातःकाल भगवान का कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन हुआ। कलशाभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य रामेश्वरलाल, सुशील कुमार, प्रवीण, नवीन गंगवाल परिवार (लाडड़िया वाले), लालचंद, कमल कुमार, मैना देवी, पंकज, अरविंद, अभिषेक, सिद्धार्थ पहाड़िया परिवार (कुचामन) तथा संजय कुमार, मनीष कुमार गंगवाल (लाडड़िया वाले) को प्राप्त हुआ। शांतिधारा का वाचन सुरेश कुमार पांड्या ने किया।
पंच परमेष्ठी की आराधना में 851 अर्घ्य
लालचंद पहाड़िया ने बताया कि अष्टान्हिका पर्व में आयोजित सिद्धचक्र विधान का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। कलशाभिषेक के पश्चात पंच परमेष्ठी की आराधना स्वरूप विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं सर्वजन मंगल की भावना से 851 अर्घ्य समर्पित किए गए।
श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता
अर्घ्य समर्पण में शांति देवी, पुष्पा अजमेरा, कमला देवी, हीरारमणी, कुसुम पाटोदी, मंजू, संतोष, चंदा, काला, मैना देवी, सुशीला, सुलोचना, सरला, रेखा, ममता पहाड़िया, कमला देवी झांझरी, ज्ञानमती, आभा, हीरा, विनीता, तारा देवी पांड्या, सुनीता गंगवाल, बेबी काशलीवाल, राजकुमारी, पाटनी तथा संतोष ठोल्या सहित अनेक श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ अर्जित किया।
महाआरती के साथ हुआ समापन
सायंकाल श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान की भव्य महाआरती सम्पन्न हुई। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने आरती में सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया तथा अष्टान्हिका पर्व की आध्यात्मिक आराधना में अपनी श्रद्धा अर्पित की।













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