Tag - भगवान महावीर

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सिद्धचक्र विधान में बृहद् पंच परमेष्ठी के 251 अर्घ्य समर्पित : विश्व शांति एवं सर्वजन मंगल की भावना से सम्पन्न हुआ पंचम दिवस

कुचामन सिटी में आयोजित नौ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के पंचम दिवस श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ विविध धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुए। बृहद् पंच...

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सिद्धचक्र विधान में पाप दहन के 128 अर्घ्य समर्पित : विश्व शांति एवं सुख-समृद्धि की मंगलकामना के साथ श्रद्धापूर्वक हुई आराधना

कुचामन सिटी में आयोजित नौ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के अंतर्गत श्रद्धालुओं ने पाप दहन के 128 अर्घ्य समर्पित किए। कलशाभिषेक, शांतिधारा एवं विविध...

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धर्म के लिए समय निकालना पड़ता है : आर्यिका श्री सुप्रज्ञ मति जी ने बड़वानी में दी मंगल देशना 

बड़वानी में विराजित आचार्य श्री सुनील सागर जी की शिष्या आर्यिका श्री सुप्रज्ञ मति जी माताजी ने गुरुवार को धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब शेर जैसा जीव...

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श्रुत पंचमी : जिनवाणी के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और संरक्षण का महापर्व : आचार्यों को स्मरण करने का अवसर, जिन्होंने अपने तप, त्याग और पुरुषार्थ से जिनवाणी को सुरक्षित रखकर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया

श्रुत पंचमी जैन धर्म का एक ऐसा पावन पर्व है, जो हमें ज्ञान, विनय और कृतज्ञता का संदेश देता है। यह केवल शास्त्रों की पूजा का दिन नहीं है, बल्कि उन महान आचार्यों...

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गणधर वलय विधान का घटयात्रा निकालकर किया शुभारंभ : बैंडबाजों और भजनों की धुन पर भक्ति नृत्यों में लीन रहीं महिलाएं  

आचार्य श्री शांति सभागार में आचार्य श्री इंद्रनंदी जी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में नगर के इतिहास...

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विद्वान भगवान महावीर के समस्त कुलों को आगे बढ़ा रहे : नौगामा में आर्यिका श्री सिद्धश्री माताजी के सानिध्य में धार्मिक शिक्षण शिविर का समापन  

नौगामा नगर में आर्यिका श्री सिद्धश्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में आयोजित धार्मिक शिक्षण शिविर का रविवार को प्रातःकाल भव्य समापन हुआ। समापन समारोह के अवसर...

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जब न्याय के पन्नों में ही जैन धर्म के स्वतंत्र अस्तित्व पर प्रश्न उठने लगें: तब केवल शब्द नहीं, पूरी आस्था आहत होती है

जैन धर्म जो अनादि काल से संपूर्ण विश्व को अहिंसा, संयम और त्याग का अमर संदेश देता आया है वह कोई साधारण परंपरा नहीं, बल्कि एक शाश्वत आध्यात्मिक चेतना का प्रवाह...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 49 धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में लोकप्रिय है यह तीर्थ क्षेत्र भक्तामर स्तोत्र के रचयिता आचार्य मानतुंग की समाधि स्थली है यह तीर्थ

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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धर्माचार्य श्री कनकनंदी जी के 11 अद्वितीय संकल्प :  जहाँ तपस्या सूर्य के समान तपती है और ज्ञान गंगा के समान बहता है, वहाँ ‘परमात्मा’ का निवास होता है।

भारतीय ऋषि-परंपरा के गौरव, वैज्ञानिक धर्माचार्य श्री कनकनंदी जी का जीवन केवल एक संत का जीवन नहीं है; यह एक ‘जीवंत इतिहास’ है, जो कलिकाल में भी...

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काठमांडू में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया भगवान महावीर जन्म कल्याणक : भक्ति संध्या, रथ यात्रा और 108 दीपों की महाआरती ने बनाया माहौल भक्तिमय

नेपाल के काठमांडू स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में भगवान महावीर जन्म कल्याणक श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। अभिषेक, रथ यात्रा, भक्ति संध्या और 108 दीपों...

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