नौगामा नगर में आर्यिका श्री सिद्धश्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में आयोजित धार्मिक शिक्षण शिविर का रविवार को प्रातःकाल भव्य समापन हुआ। समापन समारोह के अवसर पर मंगल प्रवचन देते हुए आर्यिका मां सिद्धश्री माताजी ने कहा कि समाज में ऐसे शिक्षण शिविरों का आयोजन निरंतर होते रहना चाहिए। बांसवाड़ा से पढ़िए, यह खबर…
नौगामा(बांसवाड़ा)। नौगामा नगर में आर्यिका श्री सिद्धश्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में आयोजित धार्मिक शिक्षण शिविर का रविवार को प्रातःकाल भव्य समापन हुआ। समापन समारोह के अवसर पर मंगल प्रवचन देते हुए आर्यिका सिद्धश्री माताजी ने कहा कि समाज में ऐसे शिक्षण शिविरों का आयोजन निरंतर होते रहना चाहिए। उन्होंने विद्वानों की महत्ता बताते हुए कहा कि एक पुत्र केवल अपने एक कुल का नाम आगे बढ़ाता है, परंतु ये विद्वान भगवान महावीर के समस्त कुलों को आगे बढ़ाने का महान कार्य कर रहे हैं। माताजी ने इस दौरान शिक्षण संस्थान को भी अपना मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।
प्राप्त ज्ञान को आचरण में ढालना जरूरी: ब्र. दृष्टि दीदी
माताजी के प्रवचनों के उपरांत नौगामा नगर की गौरव बाल ब्रह्मचारिणी दृष्टि दीदी ने विचार व्यक्त किए। उन्होंने सभी शिविरार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि हमने इस शिविर में जो भी ज्ञान प्राप्त किया है, उसे केवल बुद्धि तक सीमित न रखकर अपने चारित्र (आचरण) में धारण करना चाहिए।
स्वाध्याय से निकलेंगे और भी विद्वान
शिविर में सांगानेर संस्थान से पधारे विद्वान कौशल शास्त्री और सिद्धार्थ शास्त्री ने भी समाज को संबोधित किया। उन्होंने नौगामा की सराहना करते हुए कहा कि यह बहुत ही धार्मिक नगर है। यदि यहाँ का समाज इसी तरह निरंतर स्वाध्याय करता रहा, तो आने वाले समय में नौगामा के गौरव सम्यक भैया और दृष्टि दीदी जैसे अनेक श्रेष्ठ विद्वान इस धरती से निकलेंगे।
परीक्षा परिणाम घोषित, शिविरार्थी हुए पुरस्कृत
इससे पूर्व, 13 जून को आयोजित की गई लिखित परीक्षा का परिणाम आर्यिका माताजी के मुखारविंद से घोषित किया गया। परीक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले भाग्यशाली शिविरार्थियों को मंच से प्रमाण पत्र और विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही शिविर में भाग लेने वाले सभी संभागियों को भी सहभागिता प्रमाण पत्र और सांत्वना पुरस्कार भेंट किए गए।
विद्वानों का बहुमान और आभार प्रदर्शन
समारोह में सांगानेर संस्थान से आए दोनों विद्वान भैयाजी कौशल जी और सिद्धार्थ जी का जैन समाज द्वारा भावभीना सम्मान किया गया। इसके बाद शिविरार्थियों ने मंच पर आकर शिविर के दौरान हुए अपने सुंदर अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक जिनवाणी स्तुति की गई, जिसके साथ पूरा आयोजन सानंद संपन्न हुआ। मंच संचालन भरत पंचौरी एवं रमेश चंद्र गांधी ने किया। आभार प्रदर्शन जैन समाज अध्यक्ष विपुल पंचौरी ने किया। विशेष जानकारी जैन समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी ने दी।













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