Tag - तीर्थंकर

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जिनालयों में हुए धार्मिक आयोजन : भगवान आदिनाथ की जन्म जयंती हर्षोल्लास से मनाई

जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर तथा असी, मसी और कृषि के पथ प्रवर्तक भगवान आदिनाथ की जन्म जयंती शहर में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शहर के सभी जिनालयों में...

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भक्ति भाव से मनाया गया आदिनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक : मंदिरों में अभिषेक, पूजन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन

जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जन्म एवं तप कल्याणक का पर्व गुरुवार को सनावद में जैन समाज द्वारा श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस...

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नवागढ़ जी में ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालाल हपावत का आगमन : प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र में दर्शन, गुरुकुलम् में विद्यार्थियों से किया संवाद

अखिल भारतीय ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालाल हपावत का प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में आगमन क्षेत्र के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय रहा।...

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धूमधाम से हुआ आयोजन : ऋषभदेव जन्मकल्याणक पर प्रतियोगिताओं के साथ धर्म यात्रा कार्यक्रम का शुभारंभ

दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप गंगापुर सिटी के तत्वावधान में भगवान ऋषभदेव के जन्म एवं दीक्षा कल्याणक के अवसर पर आयोजित धर्म यात्रा कार्यक्रम के तहत गुरुवार को प्रथम...

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निकाली गई रथयात्रा : भगवान ऋषभनाथ का जन्म कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया

 युग प्रवर्तक प्रथम तीर्थंकर 1008 भगवान श्री ऋषभनाथ का जन्म कल्याणक महोत्सव 12 मार्च 2026, गुरुवार को श्री जैन वीर मंडल के तत्वावधान में श्रद्धा और भक्ति के...

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आदिनाथ भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया : नगर-नगर निकाली गई शोभायात्रा

 जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जन्म कल्याणक महोत्सव को वागड़ क्षेत्र सहित पूरे बांसवाड़ा जिले में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। गुरुवार को...

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भरतोत्सव को भी समझें : आदिनाथ जन्म कल्याणक के साथ भरत चक्रवर्ती का स्मरण क्यों आवश्यक?

भारतीय संस्कृति को विश्व की सबसे प्राचीन और अनादि परंपरा के रूप में स्थापित करना है तो हमें जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ और उनके ज्येष्ठ पुत्र भरत...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ 49 धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में लोकप्रिय है यह तीर्थ क्षेत्र भक्तामर स्तोत्र के रचयिता आचार्य मानतुंग की समाधि स्थली है यह तीर्थ

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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चारों दिशाओं में मुख किए हुए भगवान चन्द्रनाथ स्वामी की प्रतिमाएं विराजमान हैं यहां : चौबीस तीर्थंकर भगवानों के दीक्षा-वृक्षों का आरोपण किया गया है इस मंदिर में

उदयपुर-अहमदाबाद राजमार्ग पर गोवर्धनसागर झील के किनारे निर्मित मुक्ताकाश समवशरण तीर्थ जैन धर्म की आध्यात्मिक परंपरा और कलात्मक स्थापत्य का अद्भुत संगम है।...

तीर्थ यात्रा

तीर्थ यात्रा 2: एक हजार वर्ष पुराना है यह अतिशय क्षेत्र : भगवान महावीर स्वामी की समवशरण स्थली रहा है यह क्षेत्र

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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