जहाँ एक क्षण का शुद्ध संकल्प भी कालजयी बन जाता है और भीतर का मौन साधन अनंत पुण्य की धारा में बहने लगता है—उसी दिव्य अनुभूति का नाम है अक्षय तृतीया। यह केवल...
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आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज ससंघ महरौनी में विगत 8 दिनों से विराजित हैं, जो हर दिन अपने दिव्य प्रवचन के माध्यम से ज्ञान की गंगा बहा रहे हैं। गुरुवार को...
दिगंबराचार्य की जन्म स्थली के स्कूल का नामकरण जैन संत आचार्य विद्यासागर के नाम करने बाबत सकल जैन समाज समिति कोटा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को ज्ञापन दिया है।...








