गणिनी आर्यिका श्री सुपार्श्वमति जी की समाधि स्थली श्री चंद्रप्रभ जिनालय में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी 36 साधु सहित ग्रीष्म कालीन वाचना कर रहे हैं। उन्होंने...
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जैन धर्म, एक ऐसा धर्म, जो अपनी प्राचीनता, महानता और अद्वितीय सिद्धांतों के कारण सम्पूर्ण विश्व में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। जिसके प्रत्येक आचार्य...
जहां भय समाप्त होता है, वहीं से धर्म की शुरुआत होती है। मनुष्य के जीवन में जैसे ही धर्म शब्द प्रवेश करता है, उसके मन में अनेक प्रश्न जन्म लेने लगते हैं। यह...
जीवन में सर्व बाधाओं से मुक्ति, मानसिक शांति एवं आत्मकल्याण की मंगल भावना के साथ आयोजित श्री कल्याण मंदिर विधान अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण में...
सलेहा की पावन धरती आज ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी। जब आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज संघ सहित भव्य मंगल प्रवेश करते हुए नगर में पधारे। उनके साथ 60 दिगंबर...
एक दिन का साधु जीवन पुण्यदायक तप के समान है। एक का साधु जीवन व्यतीत कर गृहस्थ श्रावकों को तप साधना से रूबरू होने का अवसर प्रदान करती है गोचरी दया। यह विचार...
पर्युषण पर्व के समापन पर प्रतिवर्ष निकाले जाने वाले रथोत्सव पर भावपूर्ण और अहिंसा, शांति, विश्व बंधुत्व, भातृत्व भाव, संयम, त्याग, तप, तपस्या आदि धर्म का पालन...
जैन समाज के पर्वाधिराज पर्युषण को लेकर समाजजनों में धार्मिक उल्लास तो है ही, साथ ही इस उत्साह के साथ इसका इंतजार किया जा रहा है कि अब यह वह समय है जब हम स्व को...
मेरे गुरुदेव नीचे देखते हुए वह पूरी धरती को देख लेते हैं। हमारे अंदर दृष्टि से ही ममत्व भाव शांति का संचार कर देते हैं। जिनके तपों बल से तपस्या से हम शुरू से...
जैन धर्म और धर्मशास्त्रों के अनुसार संयम, त्याग, समर्पण और सेवा के लिए हमारे साधु-संतों की दिव्य वाणी में संदेश होता है। अब आप देखिए पिता क्या हैं? उनको...








