1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर, डीडवाना रोड में भगवान श्री नेमीनाथ के मोक्ष कल्याणक पर कलशाभिषेक, शांतिधारा, पूजन, विधान एवं लड्डू समर्पण श्रद्धा-भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने अहिंसा, संयम और आत्मसाधना के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया। पढ़िए श्रीफल साथी सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट।
डीडवाना रोड। 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान श्री नेमीनाथ के पावन मोक्ष कल्याणक महोत्सव पर श्रद्धा एवं भक्ति के साथ कलशाभिषेक, शांतिधारा, पूजन, विधान तथा निर्वाण लड्डू समर्पण का भव्य आयोजन किया गया। मंदिर परिसर पूरे समय भक्तिमय वातावरण एवं प्रभु के जयघोष से गुंजायमान रहा।
कलशाभिषेक का मिला सौभाग्य
इस पावन अवसर पर श्रावक श्रेष्ठी लालचंद पहाड़िया, कमलकुमार पहाड़िया, सुभाषचंद पहाड़िया, प्रतीक पहाड़िया एवं नैतिक पहाड़िया को भगवान श्री नेमीनाथ का कलशाभिषेक एवं निर्वाण लड्डू अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
श्रद्धालुओं ने की भक्ति एवं आराधना
कार्यक्रम में चिरंजीलाल, विमल, अमित, अशोक, मनोज, भव्य पाटोदी, भंवरलाल झांझरी, लालचंद, महेंद्र, नीरज पहाड़िया, माणकचंद, संतोष काला, तेजकुमार बडजात्या सहित अनेक श्रद्धालुओं ने पूजन, विधान एवं भक्ति में सहभागिता करते हुए भगवान के गुणों का स्मरण किया।
मोक्ष कल्याणक का प्रेरक संदेश
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि भगवान श्री नेमीनाथ, भगवान श्रीकृष्ण के चचेरे भाई थे तथा उन्होंने गुजरात स्थित पवित्र गिरनार पर्वत से मोक्ष प्राप्त किया। उनका मोक्ष कल्याणक मानव जीवन को अहिंसा, दया, तप, त्याग, संयम और आत्मसाधना का संदेश देता है। इन सद्गुणों को अपनाकर प्रत्येक व्यक्ति मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर हो सकता है।
भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हुआ आयोजन
पूरे आयोजन में समाजजनों ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ सहभागिता निभाई। धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से भगवान श्री नेमीनाथ के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया।













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