देव दर्शन, अभिषेक और पूजन के लिए मंदिर का निर्माण किया जाता है। देव शास्त्र के बाद गुरु का नंबर आता है। निवाई दिगंबर जैन समाज ने प्रथमाचार्य श्रीशांति सागर जी...
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श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन पंचायत एवं सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में प्रथमाचार्य शांतिसागर महाराज की परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ससंघ...
त्याग संयम एवं अठारह त्यागियों की जन्म नगरी सनावद में आर्यिका श्री सृष्टि भूषण माताजी ससंघ का मंगल प्रवेश हुआ। आर्यिका संघ की मंगल अगवानी सभी समाजजनों ने...
आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी टोंक जिले के निवाई में संघ सहित विराजित है।...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का निवाई नगर की ओर मंगल विहार चल रहा है। आचार्य श्री का 3 वर्षों के बाद 14 दिसंबर को भव्य मंगल प्रवेश होगा। निवाई से पढ़िए...
आचार्य श्री शांति सागर जी सहित पूर्वाचार्यों के आशीर्वाद से हमने पहली बार किसी मंदिर का जीणोद्धार कर नूतन जिनालय बनाने की प्रेरणा दी। यह मंगल देशना आचार्य श्री...
पंच कल्याणक प्रतिष्ठा सामान्य कार्यक्रम नहीं होकर महा महोत्सव होता है। जिसमें नर को नारायण, पाषाण को भगवान बनाया जाता है। पंचकल्याणक कार्यक्रम से संस्कार...
शास्त्र गुरु हमारे आराध्य हैं ,उनकी अर्चना, पूजा ,भक्ति करना चाहिए। जिनवाणी के सामने चार पुंज चढ़ाते हैं। यह भक्ति ह्रदय में हमेशा बनी रहना चाहिए। यह मंगल देशना...
आचार्य श्री वर्धमानसागर जी का अनेक ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान के बाद टोंक नगर से शिवाड़ की ओर 32 साधु सहित शनिवार को विहार किया। प्रातः श्री आदिनाथ जिनालय में...
आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज जी की मूल बाल ब्रह्मचारी पट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने संयमी जीवन का 57 वां वर्षायोग अतिशय...








