आचार्य श्री वर्धमान सागर जी 32 पिच्छी सहित अतिशय क्षेत्र श्री पदमपुरा विराजित हैं। गुरुवार को आचार्य श्री वर्धमानसागर जी ने संघ सहित 18 से 22 फरवरी तक होने...
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प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी, आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी, आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी, आर्यिका श्री स्वस्ति...
पदमपुरा के अतिशय क्षेत्र में आचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी के शिष्य आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी(6 पिच्छी) तथा आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी(18 पिच्छी) का आगमन...
मनुष्य जन्म बहुत दुर्लभता से प्राप्त होता है। श्री आदिनाथ भगवान से लेकर महावीर स्वामी के तीर्थंकर कुल में आप सब ने जन्म लिया है। पदम प्रभ भगवान भी छठे तीर्थंकर...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का अतिशय क्षेत्र अक्षय निधि आदिश्वर धाम चाकसू से मंगल विहार हुआ। इसके पूर्व चाकसू के प्राचीन जैन मंदिर से आचार्य श्री प्रज्ञा सागर...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का निवाई से पदमपुरा अतिशय क्षेत्र में होने वाले पंचकल्याणक के लिए मंगल विहार जारी है। दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में 18 से 22...
यूं ही नहीं आचार्य श्री वर्धमान सागरजी महाराज वात्सल्य वारिधि नहीं कहे जाते। गुरुदेव जिन शासन की वरिष्ठतम संतों में से एक हैं। उनका आशीष अपने संघ में विराजमान...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का पदमपुरा के लिए मंगल विहार : समाज ने दी अश्रुपूरित नेत्रों से दी विदाई
31 साधुओं सहित आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने शीतकालीन प्रवास में काफी धर्म प्रभावना कर आर्यिका श्री पूर्णिमा मति की जन्म धर्मनगरी निवाई से 2 फरवरी की दोपहर को...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित निवासी विराजित हैं। प्रतिदिन अनेक नगरों से भक्त गुरुदेव के दर्शन कर अपने-अपने नगर पधारने का निवेदन कर रहे हैं। निवाई से...
अनंतानंत भव्य आत्माये इस मार्ग पर चलकर सिद्ध हुए हैं। प्रथमाचार्य श्री शांतिसागरजी ने भी समीचीन धर्म मार्ग हमें बतलाया है। 20वीं सदी में अनेक दिगंबर साधुओं ने...








