Tag - Acharya Shri Vardhman Sagar JI

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संघ का 55 वर्षों के बाद वर्षायोग और श्री पारसनाथ भगवान की पंचकल्याण प्रतिष्ठा हुई : आचार्य श्री वर्धमानसागर जी ने कहा- मिथ्यात्व छोड़ें, सम्यक दर्शन प्राप्त करे संयम धारण करें

नगर का सौभाग्य है कि सन 1970 में दीक्षा गुरु आचार्य श्री धर्मसागर जी का वर्षायोग हुआ और सन 1971 में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा आचार्य संघ सान्निध्य में हुई। जिसमें...

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पुरानी टोंक के श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पंचकल्याणक 7 नवंबर से: आर्यिका श्री महायशमति माताजी पंच कल्याण को विस्तार से समझाया 

पुरानी टोंक में चतुर्भुज तालाब के पास 1008 श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में 7 से 12 नवंबर तक...

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आगम हम सबका प्राण जीवन के समान इसकी रक्षा सेवा करें: आचार्य श्री वर्धमानसागर जी ने पंच कल्याणक प्रतिष्ठा के लिए किया विहार 

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 33 साधुओं सहित आदर्श नगर से मंगल विहार पंचकल्याणक प्रतिष्ठा के लिए 1008 श्री पार्श्वनाथ जिनालय पुरानी टोंक चतुर्भुज तालाब के पास...

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आदर्श नगर में हुआ भक्तिमय मंडल विधान का पूजन: साधुओं की संयम साधना जारी

नगर में धर्म की गंगा का लाभ सभी नगर वासी ले रहे हैं। सहस्त्र महामंडल विधान के सुंदर विधान की रचना  स्थानीय विद्वान पंडित प्रमोद जी और अन्य द्वारा की गई। सौधर्म...

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अर्थ और काम पुरुषार्थ धर्म नीति अंधकार करे: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने कर्मों के प्रतिफल के संबंध में विस्तार से बताया 

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी आदर्श नगर श्री पारसनाथ जिनालय में संघ सहित विराजित हैं। प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान संघ सानिध्य में हो रहे हैं। प्रातःकाल श्री...

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सूरी मंत्रोच्चार से प्रतिमाएं पंच कल्याणक में प्रतिष्ठित कर पूजनीय होती है : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने श्रीजी के दर्शन, अभिषेक, पूजन, स्वाध्याय, दान के बारे में बताया 

आज अनेक श्रावकों और युवाओं ने श्री जी के अभिषेक के साथ पूजन करने का नियम लिया है। 55 वर्ष पूर्व दीक्षा गुरु आचार्य श्री धर्मसागर जी के सन 1970 चातुर्मास में...

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क्षुल्लक श्री शील सागर जी अतिशय क्षेत्र टोंक में पंचतत्व में लीन : समाधिस्थ क्षुल्लक श्री की डोला विमान यात्रा निकाली, समाजजनों ने दी भावांजलि 

समाधिस्थ मुनि श्री निर्मल सागर जी की जन्म एवं समाधि भूमि अतिशय क्षेत्र टोंक में क्षुल्लक श्री शीलसागर जी का मंगलवार रात्रि 12.43 बजे आचार्य श्री के श्री मुख से...

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महापुरुषों की न्याय और नीति संस्कृति से परमात्मा बनने का पुरुषार्थ करें: टोंक में 9 दिवसीय अखंड णमोकार मंत्र का पाठ प्रारंभ 

 अतिशय क्षेत्र टोंक में प्रतिदिन अनेक प्रसिद्ध समाजसेवी श्री जी और आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पधार रहे हैं। आचार्य श्री वर्धमान...

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आत्महत्या का सोचना और करना पाप है इससे अल्पायु कर्म का बंध होता है: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म आराधना का महत्व समझाया 

दशलक्षण पर्व में 10 दिनों तक धर्म की आराधना धर्म की पाठशाला अध्यात्म महापर्व में आपने क्या सीखा है? उत्तम क्षमा, मार्दव आर्जव, शौचधर्म से क्रोध, मान, माया और...

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त्याग धर्म में राजा श्रेयांस ने सबसे पहले दानतीर्थ का प्रवर्तन किया : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने त्याग और दान को श्रेष्ठतम निरुपित किया 

दसलक्षण धर्म में पहले दिन से चार कषायों का त्याग करने की शिक्षाऔर उपदेश दिए गए। शास्त्रों और पूजन में उल्लेख है कि दान चार प्रकार का है और चार संघ को दीजिए। यह...

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