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रत्नत्रय एक शाम, गुरु के नाम में उमड़ा श्रद्धा का सागर : आचार्य श्री समयसागर जी की जीवन गाथा का भावपूर्ण मंचन


आस्था, श्रद्धा और भक्ति के पवित्र वातावरण में रत्नत्रय ‘एक शाम गुरु के नाम गाथा छोटे बाबा के बड़े शिष्य की’ का भव्य मंचन गुरुवर रात को शहीद स्मारक परिसर में सुसज्जित मंच पर श्री दिगम्बर जैन संरक्षणी सभा, जबलपुर के तत्वावधान में हुआ। यह आयोजन आचार्य श्री विद्यासागर जी (छोटे बाबा) के प्रथम शिष्य नवाचार्य श्री समयसागर जी महाराज के द्वितीय पदारोहण दिवस के अवसर पर किया गया। जबलपुर से पढ़िए, नितिन जैन की यह रिपोर्ट…


जबलपुर। आस्था, श्रद्धा और भक्ति के पवित्र वातावरण में रत्नत्रय ‘एक शाम गुरु के नाम गाथा छोटे बाबा के बड़े शिष्य की’ का भव्य मंचन गुरुवर रात को शहीद स्मारक परिसर में सुसज्जित मंच पर श्री दिगम्बर जैन संरक्षणी सभा, जबलपुर के तत्वावधान में हुआ। यह आयोजन आचार्य श्री विद्यासागर जी (छोटे बाबा) के प्रथम शिष्य नवाचार्य श्री समयसागर जी महाराज के द्वितीय पदारोहण दिवस के अवसर पर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. नेहा जैन के मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद जाप मंडल द्वारा प्रार्थना की गई एवं आमंत्रित अतिथियों का स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में दर्शकों के बीच रुचि जागृत करने के लिए ऑडियो विजुअल माध्यम से जबलपुर के सारे प्रसिद्ध स्थानों, प्रतिष्ठानों, जैन मंदिरों को दिखाया गया। दादा गुरु ज्ञान सागर जी महाराज के जीवन से प्रारंभ कर आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की दीक्षा, आचार्य पदारोहण और समाधि तक का वृतांत अत्यंत भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया और उसके बाद प्रारंभ हुई छोटे बाबा के बड़े शिष्य आचार्यश्री समय सागर जी की जीवन गाथा जो आज के कार्यक्रम के मूल में थी। इस गाथा के माध्यम से आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज, आचार्य विद्यासागर जी महाराज एवं नवाचार्य समय सागर जी महाराज के जीवन के अनेक पहलुओं को दर्शकों के सामने बड़े ही रोचक ढंग से रखा गया। आचार्य विद्यासागर जी द्वारा शुभारंभ किए गए अनेक प्रकल्पों जैसे दयोदय पशु संवर्धन, पूर्णायु चिकित्सालय, प्रतिभास्थली, प्रस्तावित विशाल जिनालय आदि के बारे में भी जानकारी दी गई और उपस्थित जन समूह से इसमें सहयोग की अपील की गई।

ऐसे आयोजन समाज को देते हैं आध्यात्मिक ऊर्जा 

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मुंबई एवं इंदौर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत संयुक्त नाट्य प्रस्तुति रही, जिसने परिसर में उपस्थित लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं को देर रात तक भावविभोर कर बांधे रखा।

इसको सफल बनाने में दिगंबर जैन पंचायत सभा, जैन नवयुवक सभा एवं सकल जैन समाज जबलपुर का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम की जानकारी धर्मप्रचारक नितिन जैन एवं सुबोध कामरेड द्वारा संयुक्त रूप से मीडिया को दी गई। आचार्य समयसागर जी महाराजष् का जीवन त्याग, तप और साधना का अद्वितीय उदाहरण है। ऐसे आयोजन समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करते हैं और नई पीढ़ी को धर्म से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। रत्नत्रय, केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, एकता और आस्था को सुदृढ़ करने का एक सशक्त प्रयास है। इतने विशाल जनसमूह की उपस्थिति इसकी सफलता का प्रमाण है।

उद्देश्य नई पीढ़ी को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना रहा

मुंबई और इंदौर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत यह गाथा सभी के हृदय को स्पर्श कर गई। श्रद्धालुओं का उत्साह और सहभागिता इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। महोत्सव का उद्देश्य समाज में धर्म के प्रति आस्था को सुदृढ़ करना एवं नई पीढ़ी को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को अत्यंत सफल एवं यादगार बना दिया। आयोजक संरक्षणी सभा ने सभी कलाकारों ,अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया।

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