भिंड में पर्यूषण पर्व के अवसर पर मेडिटेशन गुरु बिहसंत सागर जी के सानिध्य में बद्रीप्रसाद की बगिया में मैना सुंदरी नाटक का आयोजन किया गया। इस नाटक में धर्म, आस्था और कर्म सिद्धांत का सुंदर चित्रण हुआ। पढ़िए सोनल जैन की ख़ास रिपोर्ट…
भिंड। पर्यूषण पर्व के शुभ अवसर पर मेडिटेशन गुरु बिहसंत सागर जी के सानिध्य में बद्रीप्रसाद की बगिया में जैन समाज द्वारा विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रानी जैन और नीरज जैन के निर्देशन में मैना सुंदरी नाटक का मंचन हुआ। नाटक में मैना सुंदरी और राजा श्रीपाल की कथा प्रस्तुत की गई, जिसमें कुष्ठ रोग से पीड़ित श्रीपाल को मैना सुंदरी अपने धार्मिक आस्था और सिद्धचक्र विधान के प्रभाव से रोगमुक्त करती हैं। इस नाटक में यह संदेश दिया गया कि भाग्य और कर्म का गहरा संबंध है तथा सही आस्था और विधान से बुरे कर्मों का परिणाम भी बदला जा सकता है।
श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण अभिनय और कहानी का आनंद लिया। सिद्धि जैन, प्रीति जैन, नीरज जैन, सीमा जैन, ज्योति जैन, गीता जैन, आरती जैन, पूजा जैन सहित अनेक बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। जैन धर्म के यह नाटक पर्यूषण पर्व के दसों दिनों तक जारी रहेंगे और समाज को धर्ममय बनाएंगे।













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