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मुनिराजों का दीक्षा दिवस पर हो रहा गुणानुवाद : आचार्य श्री को भी कर रहे हैं याद


आचार्य श्री वर्धमान सागर जी, आचार्य श्री अजीत सागर जी से दीक्षित मुनिराजों का 10 फरवरी को दीक्षा दिवस है। इस अवसर जैन समाज मुनिराजों और आचार्यश्री का गुणानुवाद कर रहा है। अभिषेक और शांतिधारा की गई। मंगलाचरण हुए। पढ़िए इंदौर और भींडर से यह खबर…


इंदौर/भींडर। पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से दीक्षित शिष्यों एवं संघस्थ साधुओं के दीक्षा दिवस पर जैन समाज उनका गुणानुवाद कर रहा है। राजेश पंचोलिया ने बताया कि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से दीक्षित मुनियों का दीक्षा दिवस है। 10 फरवरी को मुनिश्री अपूर्व सागर जी, मुनिश्री अर्पितसागर जी का 28 वां संयम दीक्षा वर्ष, 10 फरवरी को समाधिस्थ मुनिश्री देवेंद्र सागर जी, समाधिस्थ मुनिश्री देवेश सागर जी को 15 वां दीक्षा वर्ष, आचार्य श्री अजीत सागर जी के शिष्य मुनिश्री चिन्मय सागर जी का36 वां दीक्षा वर्ष है। इन मुनियों के दीक्षा दिवस पर सकल दिगम्बर जैन समाज इनकी देशनाओं को याद करते हुए गुणानुवाद करता है। आचार्य श्री को नमोस्तु। सभी मुनिराजों को नमोस्तु।

भींडर में मनाया दीक्षा दिवस

समाज के प्रवक्ता इंद्रलाल फांदोत एवं संघस्थ बा. ब्र. नमन भैया जी ने बताया कि धर्मनगरी भींडर में श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़े मंदिर में वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज के सुशिष्य मुनि श्री अपूर्वसागर जी महाराज एवं मुनि श्री अर्पितसागर जी महाराज का 28 वां मुनि दीक्षा दिवस बा ब्र नमन भैया जी के निर्देशन में श्रद्धालुओं द्वारा मनाया गया।

 पंचामृत अभिषेक और शांतिधारा की

प्रातः श्री जी का भव्य पंचामृत अभिषेक शांतिधारा, पूजन किया गया, तत्पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ चन्दना पचोरी और आशा वक्तावत ने मंगलाचरण करके किया। चित्र अनावरण और दीप प्रज्वलन इंदौर से पधारे श्रावक श्रेष्ठी भरत जैन और राजू भैया ने किया। मुनि श्री विवर्जितसागर जी महाराज सहित भरत जैन इंदौर , पारसमल पचोरी, श्रीपाल हाथी, सुलोचना फांदोत, दीपक धर्मावत आदि महानुभावों ने और बा. ब्र. नमन भैया जी ने भी अपने उद्गार युगल मुनि श्री के प्रति रखे और कार्यक्रम के संचालन किया।

28 द्रव्यों से संगीतमय पूजन

विनयांजलि के बाद आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज की 28 द्रव्यों से संगीतमय पूजन और 28 दीपकों से आरती की गई। पूजन में आदिनाथ जैन मंदिर और शांतिनाथ जैन मंदिर के सभी श्रावक श्राविकाओं में भक्ति नृत्य करते हुए गुरुवर की पूजन संपन्न की। युगल मुनि श्री को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य भरत जी जैन परिवार इंदौर को एवं पाद प्रक्षालन का सौभाग्य नानालाल बोहरा परिवार भींडर को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर श्रीपाल हाथी, शांतिलाल सुलोचना फांदोत, अंजना जयंतीलाल फांदोत, मंजू बाई मनसुख डुंगरिया, मौसम देवी नानालाल बोहरा ने अपनी शक्ति अनुसार ब्रह्मचर्य व्रत का नियम भी ग्रहण कर पूज्य मुनि संघ से आशीर्वाद लिया और अपने जीवन को संयमित बनाने का संकल्प लिया। अंत में युगल मुनि श्री ने अपने-अपने प्रवचनों में अपने गुरुदेव के उपकारों का गुणगान किया। समस्त कार्यक्रम में वर्तमान अध्यक्ष विमल लिखमावत, पूर्व अध्यक्ष पारसमल पचोरी, उपाध्यक्ष श्रीपाल हाथी सहित सभी श्रावक-श्राविका, युवा-युवतियों ने भक्ति भाव के साथ युगल मुनिश्री का दीक्षा दिवस मनाया।

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