जैन धर्म की वर्तमान चौबीसी के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव रविवार को श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रविवार को नगर के श्री आदिनाथ दिगंबर जैन गांधियों के मंदिर में महाभिषेक, शांतिधारा, पूजन विधान किए गए। शोभायात्रा निकाली गई। सागवाड़ा से यह खबर…
सागवाड़ा। जैन धर्म की वर्तमान चौबीसी के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव रविवार को श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रविवार को नगर के श्री आदिनाथ दिगंबर जैन गांधियों के मंदिर में महाभिषेक, शांतिधारा, पूजन विधान किए गए। शोभायात्रा निकाली गई। सुबह मूलनायक आदिनाथ भगवान का पंचामृत महाभिषेक एवं शांतिधारा की गई। समाज के प्रतिष्ठाचार्य विनोद पगारिया ने बताया रविवार को नगर के श्री आदिनाथ दिगंबर जैन गांधियों के मंदिर में मूलनायक आदिनाथ भगवान का पंचामृत महाभिषेक, शांतिधारा पालिकाध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया अश्विन बोबडा ने की। इसके बाद महिला मंडल ने आदिनाथ भगवान की अष्ट द्रव्य से पूजा की। पूजा के बाद आदिनाथ भगवान की प्रतिमा को रजत गंधकुटी में विराजित कर पालकी को समाजजनों ने कंधों पर धारण कर बैंडबाजों के साथ शोभायात्रा निकाली। जो कंसारा चौक, पारसनाथ चौक, मांडवी चौक होते हुए पुनः मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में समाज की महिलाओं ने गरबा भक्ति की।
आदिनाथ महामंडल विधान किया
सांय आरती के बाद श्रीजी का झूला झुलाया गया। नगर के प्राचीन आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में राजेंद्र गांधी के मंत्रोच्चारण के साथ मूलनायक आदिनाथ भगवान की प्रतिमा पर पंचामृत अभिषक और शांतिधारा की गई। बांसवाड़ा नगर के मोहन कॉलोनी स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य श्री सुंदर सागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य था प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया के तत्वावधान में आदिनाथ महामंडल विधान किया गया।













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