भगवान आदिनाथ से महावीर जयंती के तहत नगर के विभिन्न दिगंबर जैन मंदिर से निकलने वाली गौरवपूर्ण पदयात्रा में रविवार को भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुदामा नगर स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्राभक्ति, श्रद्धा और आस्था का अनूठा संगम और समन्वय देखने में आ रहा है। यात्रा के 10वें दिन सुदामानगर में मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज के पाद प्रक्षालन और आरती करने की होड़ लगी रही। इंदौर से पढ़िए, प्रीतम लखवाल की यह खबर….
इंदौर। भगवान आदिनाथ से महावीर जयंती के तहत नगर के विभिन्न दिगंबर जैन मंदिर से निकलने वाली गौरवपूर्ण पदयात्रा में रविवार को भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुदामा नगर स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्राभक्ति, श्रद्धा और आस्था का अनूठा संगम और समन्वय देखने में आ रहा है। यात्रा के 10वें दिन सुदामानगर में मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज के पाद प्रक्षालन और आरती करने की होड़ लगी रही।

श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर सुदामा नगर से निकली पदयात्रा महावीर गेट से मिश्रा जी गली से होते हुए विभिन्न मार्गों से गुजर कर वापस श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पहुंची। यहां पर नगर के विभिन्न कॉलोनी से आए समाजजनों ने मुनि श्री के सानिध्य में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर ध्वजारोहण कर्ता महामंत्री विमल झांझरी, डॉ. अशोक बंडी, निर्मल पाटनी, परिवहन नगर से नवनीत जैन,श्रेष्ठी जैन वैशाली नगर से देवेंद्र छाबड़ा, फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष राकेश विनायका, सुशील पांड्या, पुष्प ग्रुप के महेंद्र जैन एवं नेमिनाथ ग्रुप रहे।

इस अवसर पर मनीष जैन, बाहुबली पंण्डया, मुकेश टोंग्या, सुदर्शन जटाले, चंद्रप्रकाश जैन, अनूप गांधी,रितेश पाटनी,पिंकेश बिलाला, राजेन्द्र सोनी भूपेंद्र जैन, अनिल जैन, गिरीश रारा, ऋषभ जैन, वितुल अजमेरा, दिनेश जैन आदि उपस्थित रहे। प्रवचन से पूर्व भगवान आदिनाथ की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन किया गया।

अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज को श्रीफल भेंट किए
अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज के यात्रा के दौरान श्रावक-श्राविकाओं ने अपने-अपने घरों के सामने पाद प्रक्षालन कर आरती की गई और मुनि श्री का मंगल आशीर्वाद ग्रहण किया। मुनि श्री की आरती और पूजा करने के लिए समाजजन उत्साहित रहे। मंदिर परिसर में मुनि श्री को महिलाओं और पुरुष श्रद्धालुओं ने श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर नवनीत जैन, राकेश विनायका सहित अन्य समाजजनों का दुप्पटा, माला पहनाकर सम्मान किया गया।

आराधना गुरु और गुणों की होना चाहिए
ध्वजारोहण के बाद अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन में गुरु और गुणों की आराधना को बहुत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आराधना गुरु और गुणों की होनी चाहिए। ब्रह्मा हो, विष्णु हो या फिर महेश हो कोई फर्क नहीं। मुनि श्री ने कहा कि आज हम गुणों की आराधना के बजाय व्यक्ति की आराधना करते हैं। इस गलती ने समाज को कई भागों में बांटा गया हैं। तुम्हारी छोटी सी गलती ने भगवान आदिनाथ को भी कई भाग में बांट दिया। मुनि श्री ने कहा कि इंसान हमेशा दूसरों के सुख से दुःखी है। अपने सुख के बारे में नहीं सोचता। कार्यक्रम में मुनि श्री ने दो बोध कथाओं का जिक्र कर समाज जनों के सामने उदाहरण रखे। मुनि श्री ने कहा कि जब अपने कर्तव्य से निकलते हैं तो उसका फल भी भोगना पड़ेगा। अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी ने कहा कि इस बार सामाजिक संसद का शपथ ग्रहण मंदिर में करवाएं और अध्यक्ष को चांदी का दंड भी दें जो धर्म दंड का प्रतीक हो। उन्होंने वर्ष 2027 में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के संभावित चातुर्मास में सुदामानगर की कार्यकारिणी और समाजजनों को सहयोग करने का संकल्प दिलाया।

सुदामा नगर जैन समाज में नवीन अध्यक्ष आनंद गोधा का स्वागत, नेत्र चिकित्सक शिविर का शुभारंभ

अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में सुदामा नगर जैन समाज के महामंत्री विमला झांझरी सहित सभी पदाधिकारियों एवं समाजजनों ने नवीन अध्यक्ष आनंद गोधा और समाजसेवी नवीन गोधा का तिलक लगाकर, माला पहनाकर एवं साफा पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस अवसर पर आनंद गोधा ने अपने संबोधन में कहा कि आप सभी ने मुझे वोट देकर जो विश्वास जताया है, वह मेरे लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। यदि आपका ऐसा ही सहयोग और साथ मिलता रहा, तो हम सभी मिलकर समाज के विकास के लिए निरंतर कार्य करेंगे।

स्वागत कार्यक्रम के पश्चात नेत्र चिकित्सक शिविर का शुभारंभ किया गया, जिसमें समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।














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