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खरगोन में आचार्य संघ की भव्य मंगल अगवानी : बालिकाओं ने आकर्षक नृत्य किए


महावीर दिगंबर जैन मंदिर की बेदी प्रतिष्ठा के लिए आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ 27 पिच्छी की मंगल अगवानी जैन समाज ने की। बैंडबाजों के साथ शोभयात्रा निकाली गई। खरगोन नगर जयकारों से गूंजा। खरगोन से पढ़िए दीपक प्रधान की यह खबर…


खरगोन। महावीर दिगंबर जैन मंदिर की बेदी प्रतिष्ठा के लिए आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ 27 पिच्छी की मंगल अगवानी जैन समाज ने की। गणेश मंदिर से प्रारंभ हुई मंगल प्रवेश शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण श्री चिन्मय दिव्यघोष बैंड भोपाल रहा। जिसने अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। आचार्य श्री की मंगल अगवानी में सर्वप्रथम भीकनगांव के बैंड ने सुमधुर भजन की प्रस्तुतियां दी। समाज की बालिकाओं द्वारा आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए गए। महिलाएं अष्ट प्रातिहार्य एवं सोलह स्वप्न के पोस्टर अपने हाथों में लिए एक परिधान में चल रही थी एवं पुरुष श्वेत वस्त्र में जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। आचार्य संघ के पीछे रथ में मंदिर में विराजित होने वाली प्रतिमाओं को रखा गया था। सराफा बाजार, पोस्ट ऑफिस चौराहा, महात्मा गांधी मार्ग होते हुए शोभा यात्रा राधाकुंज पहुंची। जहां पर आचार्य श्री ने अपनी दिव्य देशना प्रस्तुत की। आचार्य श्री की आहार चर्या के लिए 15 घरों में चौके लगाए गए।

इनको प्राप्त हुआ आहारचर्या का सौभाग्य

आचार्य विशुद्ध सागर जी की आहार चर्या कराने का सौभाग्य सुनील जैन को प्राप्त हुआ। समाज अध्यक्ष विनोद जैन, महोत्सव कार्याध्यक्ष प्रदीप जैन, संयोजक अनिल जैन ने सभी से महोत्सव में धर्म लाभ लेने की अपील की है। जब धरती के देवता महामुनिराज विशुद्ध सागरजी महाराज ससंघ शोभायात्रा में चल रहे थे। सूर्य देवता ने भी राहत दी। हजारों की संख्या में महिलाओं और पुरुष व युवाओं ने भक्ति के साथ उत्साह तथा ऊर्जा के साथ अगवानी की।इस दौरान धामनोद समाज के पूर्व अध्यक्ष राकेश जैन ने भी आचार्य श्री से धामनोद के लिए चर्चा की। धामनोद का स्मरण कराया।

 सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे

सोमवार से प्रारंभ हो रही बेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत सुबह साढ़े सात बजे घट यात्रा निकली। उसके पश्चात ध्वजा रोहण भारत ऋतु इंदौर ने किया। पंडाल का उद्घाटन प्रकाश सपना जैन इंदौर द्वारा किया गया। बाल ब्रह्मचारी प्रतिष्ठाचार्य धर्म चंद्र शास्त्री दिल्ली के निर्देशन में दोपहर में बेदी शुद्धि, मंदिर शुद्धि, शिखर शुद्धि, इंद्र प्रतिष्ठा, मंडल विधान आदि के आयोजन होंगे। शाम को आरती शास्त्र प्रवचन के पश्चात स्थानीय समाजजनों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।

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