गणिनी आर्यिका श्री 105 विभाश्री माताजी सहसंघ (8 पिच्छी) सफल जैन की आर्ट गैलरी देखने के लिए पधारीं। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का 7 फीट का स्केच देख कर भावुक हो गई। उन्होंने कलाकार सफल जैन को आशीर्वाद भी दिया। इंदौर से पढ़िए यह खबर…
इंदौर। 17 अप्रैल को एक बार फिर इतिहास रचा गया। जब गणिनी आर्यिका श्री 105 विभाश्री माताजी सहसंघ (8 पिच्छी) सफल जैन की आर्ट गैलरी देखने के लिए पधारीं। गुरु मां पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का 7 फीट का स्केच देख कर भावुक हो गईं। उन्हें अपने गुरु गणाचार्य विराग सागर जी महाराज की छवि उन्हें स्केच में दिखाई दे रही थी। उन्हें ऐसा प्रतीत हुआ कि जैसे गुरुवर साक्षात विराजमान हैं। उन्होंने आशीर्वाद दिया कि गुरुवर तुम्हारे आर्ट गैलरी के द्वार पर ज़रूर आएंगे और तुम्हें आशीर्वाद देंगे कि तुम ख़ूब सारे और रेखाचित्र बनाओ।













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