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अविस्मरणीय अलौकिक 64 ऋद्धि ऋषि मंत्र में उमड़े हाड़ौती के श्रद्धालु: मुनिश्री निर्मद सागर जी ससंघ के सानिध्य में हुए कार्यक्रम


कोटा में अविस्मरणीय अलौकिक 64 ऋद्धि ऋषि मंत्र, दीप प्रज्वलन, वृहद अनुष्ठान और आराधना महा महोत्सव नसियां जी जैन मंदिर में होगा। हाड़ौती संभाग के जैन समाज के श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।  


कोटा। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक और नवाचार आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के आज्ञानुवृति शिष्य मुनिश्री नीरज सागर एवं मुनिश्री निर्मद सागर महाराज के पुण्योदय अतिशय क्षेत्र दादाबाडी नसिया जी में सुबह 9 बजे प्रवचन हुए।

शांतिधारा कर लिया पुण्य

पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसिया जी के अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने बताया कि शनिवार को सुबह 7 बजे मुनिद्वय मुनिश्री निर्मद सागर महाराज और मुनिश्री निर्मद सागर महाराज ने शांतिधारा करवाई। जिस पर श्रद्धालुओं द्वारा पांडुशिला पर विराजित जितेंद्र भगवान के मस्तक पर शांतिधारा की गई।

विविध कार्यक्रम हुए

निर्देशक हुकम जैन काका ने बताया की नसिया जी में मुनि संघ के सानिध्य में कोटा में पहली बार 8 दिसंबर, रविवार को शाम कालीन कार्यक्रम हुए। शाम को 5 .15 बजे आरती सजाओ प्रतियोगिता (घर से सजा कर लाई गईं ) हुई। शाम को 5.30 बजे आचार्य भक्ति हुई।

5.40 बजे ध्वनि मंत्र हुआ। सायं 5.45 बजे 64 ऋद्धि ऋषि मंत्र हुआ। दीप प्रज्वलन, वृहद अनुष्ठान और आराधना महोत्सव का आयोजन हुआ। इसमें हाड़ौती संभाग के श्रद्धालुगणों ने भाग लिया।

शांति धारा और आहार चर्या होगी

अध्यक्ष सरावगी समाज दादाबाड़ी पारस सोगानी ने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पारस जैन पार्श्वमणि को बताया कि नसिया जी में प्रवास के दौरान सुबह जितेंद्र भगवान के अभिषेक, शांतिधारा, आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की पूजन और मुनि द्वय के प्रवचन एवं आहारचर्या संपन्न होंगे।

संगीतमयी पूजा होगी

दोपहर शास्त्र स्वाध्याय,संध्या काल में प्रतिक्रमण, आरती एवं सामयिक होगी। अर्चना जैन ने बताया कि मुनि संघ के प्रवचन से पूर्व सभी महिला मंडलों ,सकल समाज पदाधिकारियों, सरावगी समाज दादाबाड़ी और श्रद्धालुओं से आचार्य विद्या सागर महाराज की अष्ट द्रव्य थाली से संगीतमय पूजा संगीतकार सौरभ सिद्धार्थ द्वारा दिव्य पूजन कराई जाएगी। सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे।

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