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स्कूल के साथ मंदिर भी भेजना चाहिए बच्चों को  अपने ईष्ट का दर्शन – ध्यान करने के लिए करना चाहिए प्रेरित 


उद्दंड से उद्दंड बालक भी संस्कार शिक्षण शिविरों में आने से संस्कारवान बन जाते हैं । हम सभी अपने बच्चों को तत्परता के साथ नियमित रूप से स्कूल भेजते हैं, उसी प्रकार बच्चों को प्रतिदिन मंदिर भी भेजना चाहिए । उन्हें प्रतिदिन अपने ईष्ट का दर्शन – ध्यान करने के लिए प्रेरित करना चाहिए । इससे बच्चों में चेतना आती हैं, उनकी स्मरण शक्ति बढ़ती हैं, उनका कॉन्फिडेंस बढ़ता है, वे संस्कारवान बनते हैं । पढि़ए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट ……


मुरैना । उद्दंड से उद्दंड बालक भी संस्कार शिक्षण शिविरों में आने से संस्कारवान बन जाते हैं । हम सभी अपने बच्चों को तत्परता के साथ नियमित रूप से स्कूल भेजते हैं, उसी प्रकार बच्चों को प्रतिदिन मंदिर भी भेजना चाहिए । उन्हें प्रतिदिन अपने ईष्ट का दर्शन – ध्यान करने के लिए प्रेरित करना चाहिए । इससे बच्चों में चेतना आती हैं, उनकी स्मरण शक्ति बढ़ती हैं, उनका कॉन्फिडेंस बढ़ता है, वे संस्कारवान बनते हैं । उक्त उद्गार बाल ब्रह्मचारिणी बहिन अनीता दीदी ने बड़े जैन मंदिर मुरैना में संस्कार शिक्षण शिविर समापन समारोह में व्यक्त किए ।पूज्य क्षुल्लिका अक्षतमति माताजी के पावन सान्निध्य में गुरु उपकार महोत्सव के अंतर्गत आठ दिवसीय श्रमण संकृति संस्कार शिक्षण शिविर के समापन पर नन्ही-मुन्नी बालिकाओं एवं प्रतिष्ठाचार्य संजय शास्त्री सिहोनियाँ ने मंगलाचरण किया । समाज के श्रेष्ठिवर्ग द्वारा चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलित किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अथिति प्रेमचंद जैन बंदना साड़ी वाले एवं अध्यक्षता बड़ा मंदिर कमेटी के अध्यक्ष प्राचार्य अनिल जैन ने की ।

 प्रत्येक विषय की ली गई परीक्षा

इस अवसर पर शिविर में बाहर से शिक्षण प्रदान करने आए हुए विद्वान बा.ब्र. संजय भैया, अनीता दीदी, ललिता दीदी, नीरज शास्त्री भगवा, सुरेश शास्त्री भगवा, शुभम शास्त्री शाहगढ़, राहुल शास्त्री बागरोही, शुभम शास्त्री हटा, नवनीत शास्त्री मुरैना, हिमांशु शास्त्री, नीतू जैन एवं पूर्वी जैन को सम्मानित किया गया।शिविर के अंतिम दिन सभी 400 शिवरार्थियोँ की प्रत्येक विषयों की परीक्षाएं ली गई ।

जिसमें बाल बोध भाग एक में कु. पूर्वी जैन, कु.हृदया जैन, पर्व जैन, वैभव जैन, आरव जैन, रिया जैन, बाल बोध भाग दो में नित्या जैन, परिधि जैन, प्रबल जैन, इष्टोपदेश में जाग्रति जैन, दीक्षा जैन, अक्षत जैन, भक्तामर में शिल्पी जैन, सानवी जैन, आगम जैन, छहढाला में साक्षी जैन, प्रांजल जैन, अमिता जैन, तत्वार्थसूत्र में सुहाना जैन, अल्पना जैन, कार्तिक जैन, द्रव्यसंग्रह में रिचा जैन, सुनीता जैन, संगीता जैन को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार वितरित किए गए । अंत में शिविर के प्रभारी नवनीत शास्त्री एवं संयोजक प्राचार्य वीरेंद्र जैन बावा द्वारा सभी का शिविर में दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया ।

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