अच्छे संस्कार संतान के लिए उपहार के समान होते हैं : पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज
दिल्ली के ऋषभोदय में धर्मसभा को संबोधित करते हुए पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने आत्मिक सुख को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए इन्द्रिय सुखों की क्षणभंगुरता समझाई। उन्होंने कहा कि संतान को धन के साथ अच्छे संस्कार देना आवश्यक है, क्योंकि सु-संस्कार ही व्यक्ति, संस्कृति और समाज की रक्षा का आधार हैं। पढ़िए श्रीफल साथी अभिषेक अशोक पाटील की यह रिपोर्ट।
दिल्ली • अभिषेक अशोक पाटील • 12-08-2026, 08:55 pm





















