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श्रुत पंचमी विशेष: पहले तीर्थंकर केवल उपदेश देते थे, तब तीर्थंकरों की वाणी को लिखने की परंपरा नहीं थी, पहली बार तीर्थंकर महावीर की ज्ञानवाणी को लिपिबद्ध किया गया

जैन दर्शन में जैसे तीर्थंकर भगवंतों की जन्म जयंती मनाते है, वैसे ही श्रुत पंचमी का महापर्व मनाया जाता है। श्रुत पंचमी को संस्कृत, प्राकृत, अपभ्रंश भाषा के...

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प्रशममूर्ति आचार्य श्री 108 शान्ति सागर जी महाराज 'छाणी' के समाधि दिवस पर विशेष : दिगंबर साधुओं के विहार का मार्ग किया था प्रशस्त 

परम पूज्य आचार्य श्री 108 शान्ति सागर जी महाराज ‘छाणी’ ने 17 मई, 1944 को राजस्थान के सागवाड़ा नगर में समाधिपूर्वक मरण कर इस नश्वर देह का त्याग किया।...

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श्री दि.जैन ज्ञानतीर्थ क्षेत्र मुरैना के हैं प्रणेता : सराकोद्धारक आचार्य ज्ञानसागर महाराज के अवतरण दिवस पर विशेष

धर्म नगरी मुरैना में ही 01 मई 1957 को श्री शांतिलाल जैन (विचपुरी वाले) के घर माता श्रीमती अशर्फी देवी जैन की कोख से बालक उमेश का जन्म हुआ। पूज्य गुरुदेव भगवान...

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महावीर जन्मकल्याणक पर विशेष : विश्व को आवश्यकता भगवान् महावीर स्वामी की

सम्प्रति काल में अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्चर्य की उतनी ही आवश्यकता है, जितनी भगवान् महावीर स्वामी के काल में थी। पूर्व में धर्म के नाम से हिंसा होती थी।...

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महावीर जन्म कल्याणक विशेष : इन 21 प्रश्नों के उत्तर से परखिए खुद, कितना जानते हैं आप भगवान महावीर को

कितना जानते हैं आप जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर को, तो इन 21 प्रश्नों और उनके उत्तरों से जानें, कितना है आपका ज्ञान भगवान महावीर के बारे में। महावीर स्वामी के...

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आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के दीक्षा दिवस 31 मार्च पर विशेष :  सराकोद्धारक व सराको के राम नाम से हुए प्रसिद्ध

मुरैना में 01 मई 1957 को श्री शांतिलाल जैन (विचपुरी वाले) के घर मां श्रीमती अशर्फी देवी की कुक्षी से एक बालक का जन्म हुआ। पंडित जी ने बालक की कुंडली बनाकर नाम...

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जैन धर्म दर्शन, संस्कृति, पुरातत्व, कला, प्राच्य भाषा एवं साहित्य के थे संरक्षक : हृदय में सदा जीवंत रहेंगे पूज्य भट्टारक स्वामी जी 

श्रवणबेलगोला मठ के समाधि लीन स्वस्ति श्री जगद्गुरु चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी पर डॉ. अरिहन्त कुमार जैन, असिस्टेंट प्रोफेसर, जैन अध्ययन संस्थान, क. जे...

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परम पूजनीय जिनधर्म प्रभाविका आर्यिका105 सृष्टि भूषण माताजी : 26 मार्च को संयम वर्ष वर्द्धन दिवस भाव भीनी अभिव्यक्ति

लेखिका – संघस्थ बाल ब्रह्मचारिणी आर्यिका श्री विश्वयशमति संकलन – राजेश पंचोलिया, इंदौर साधना और मंगल भावना की संपूर्णता का नाम है पूज्य आर्यिका 105...

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शब्दों का खेल ,कभी मेल...तो कभी बेमेल: मुनि श्री निरंजन सागर जी की वाणी पर आधारित लेख

कुंडलपुर में आयोजित धर्म सभा में मुनि श्री निरंजन सागर जी ने हित ,मित और प्रिय शब्दों का प्रयोग करने को कहा है। हितकारी वचन अर्थात जो दूसरों के लिए और अपने लिए...

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मोक्ष महल का द्वार है दीक्षा -अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

प्रकृति के अनुसार रहना ही मुनि दीक्षा धर्म प्रभावना और आत्म कल्याण से मोक्ष का द्वार है दीक्षा जैन धर्म में संन्यास को दीक्षा कहा है। पुरुष की दीक्षा में तीन...

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