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आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के दीक्षा दिवस 31 मार्च पर विशेष :  सराकोद्धारक व सराको के राम नाम से हुए प्रसिद्ध

मुरैना में 01 मई 1957 को श्री शांतिलाल जैन (विचपुरी वाले) के घर मां श्रीमती अशर्फी देवी की कुक्षी से एक बालक का जन्म हुआ। पंडित जी ने बालक की कुंडली बनाकर नाम...

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जैन धर्म दर्शन, संस्कृति, पुरातत्व, कला, प्राच्य भाषा एवं साहित्य के थे संरक्षक : हृदय में सदा जीवंत रहेंगे पूज्य भट्टारक स्वामी जी 

श्रवणबेलगोला मठ के समाधि लीन स्वस्ति श्री जगद्गुरु चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी पर डॉ. अरिहन्त कुमार जैन, असिस्टेंट प्रोफेसर, जैन अध्ययन संस्थान, क. जे...

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परम पूजनीय जिनधर्म प्रभाविका आर्यिका105 सृष्टि भूषण माताजी : 26 मार्च को संयम वर्ष वर्द्धन दिवस भाव भीनी अभिव्यक्ति

लेखिका – संघस्थ बाल ब्रह्मचारिणी आर्यिका श्री विश्वयशमति संकलन – राजेश पंचोलिया, इंदौर साधना और मंगल भावना की संपूर्णता का नाम है पूज्य आर्यिका 105...

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शब्दों का खेल ,कभी मेल...तो कभी बेमेल: मुनि श्री निरंजन सागर जी की वाणी पर आधारित लेख

कुंडलपुर में आयोजित धर्म सभा में मुनि श्री निरंजन सागर जी ने हित ,मित और प्रिय शब्दों का प्रयोग करने को कहा है। हितकारी वचन अर्थात जो दूसरों के लिए और अपने लिए...

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मोक्ष महल का द्वार है दीक्षा -अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

प्रकृति के अनुसार रहना ही मुनि दीक्षा धर्म प्रभावना और आत्म कल्याण से मोक्ष का द्वार है दीक्षा जैन धर्म में संन्यास को दीक्षा कहा है। पुरुष की दीक्षा में तीन...

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प्रथम तीर्थंकर : आदि पुरुष भगवान ऋषभदेव-अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

@लेखक- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव हैं। वे सुसीमा नगरी के राजा नाभिराय के पुत्र थे। ऋषभदेव ने ही आमजन को छह क्रियाएं...

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औरंगाबाद जैन मंदिर से मूर्ति चोरी में नया खुलासा:  असली पहचान छुपा कर जैन युवती से शादी की

  औरंगाबाद के कचनेर गांव के जैन मंदिर से भगवान पार्श्वनाथ की सोने की 2 किलो 300 ग्राम सोने की मूर्ति चोरी हो गई थी। मूर्ति की कीमत करीब 1 करोड 5 लाख रूपए...

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सम्मेद शिखर : समस्याओं के कंटक पथ में समाधान की नई पगडंडियां खोजें, प्रशासन और जैन श्रावक समझें अपनी-अपनी जिम्मेदारी

सम्मेदशिखर को लेकर पूरे देश में आंदोलन चल रहा है । यह खुशी की बात है । यह इस बात का भी संकेत है की जैन समाज अपने तीर्थों को बचाने के लिए सचेत है । शिखर जी एक...

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श्री सम्मेदशिखर सिद्व क्षेत्र की है अचिंत्य महिमा - चौबीसों सिद्व भूमि जा उपर शिखर सम्मेद महागिरी भू पर, एक बार वंदे जो कोई ताहि नरक पशुगति नहीं होई

जयपुर. मनीष गोधा । पूरे भारत वर्ष का जैन समाज सड़को पर उतर कर प्रदर्शन कर रहा है ।आखिर क्या है जैन धर्म के झारखंड प्रान्त में स्थित सर्वोच्च सिद्ध क्षेत्र श्री...

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