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पीठ जैन मंदिर में मना प्रभु शांतिनाथ का जन्म, तप और मोक्ष कल्याणक : भक्ति रस में डूबे रहे श्रद्धालु


स्थानीय पीठ स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन जिनालय में मूलनायक भगवान शांतिनाथ का जन्म, तप एवं मोक्ष कल्याणक महोत्सव परम उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया।पीठ से पढ़िए, यह खबर…


पीठ। स्थानीय पीठ स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन जिनालय में मूलनायक भगवान शांतिनाथ का जन्म, तप एवं मोक्ष कल्याणक महोत्सव परम उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर समूचा जैन समाज भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत तड़के मंगलाचरण के साथ हुई, जिसके बाद मंदिर परिसर भगवान के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

पंचामृत अभिषेक और निर्वाण लाडू अर्पण

प्रातः कालीन बेला में मूलनायक भगवान शांतिनाथ का मंत्रोचार के साथ भव्य पंचामृत अभिषेक एवं विशेष शांतिधारा की गई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने देव-शास्त्र-गुरु की विधि-विधान से संगीतमय पूजन-अर्चना की। भगवान के मोक्ष कल्याणक के प्रतीक स्वरूप वेदी पर भक्तिभाव से निर्वाण लाडू अर्पित किया गया। मांगलिक क्रियाओं के अंतर्गत भगवान के अभिषेक और मुख्य पूजन करने का परम सौभाग्य डेचिया महेंद्र कुमार एवं प्रसन्न डेचिया परिवार को प्राप्त हुआ। परिवार के सदस्यों ने शुद्ध वस्त्र धारण कर पूर्ण श्रद्धा के साथ सभी धार्मिक रीतियाँ संपन्न कीं।

भव्य नगर भ्रमण और गरबा नृत्य

साँय काल में मंदिर जी में विशेष आरती का आयोजन हुआ। इसके बाद श्री जी की पावन प्रतिमा को अत्यंत आकर्षक ढंग से सजी गंधकुटी में विराजमान किया गया। भगवान की इस भव्य पालकी यात्रा को गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण पर निकाला गया। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। जगह-जगह प्रभु की अगवानी की गई और श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर जमकर गरबा नृत्य किया।

रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम

दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष राजकुमार डेचिया ने जानकारी दी कि इस पावन दिवस के उपलक्ष्य में रात्रि को मंदिर परिसर में विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में समाज के बच्चों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस संपूर्ण महोत्सव के दौरान समाज के वरिष्ठ एवं प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से अशोक भूता, गोवर्धन डेचिया, चंद्रकांत शाह, गजेंद्र कोठारी, हसमुख कोठारी तथा प्रवीण शाह सहित बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी शामिल थे।

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