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श्री पार्श्व पद्मावती धाम में जन्म और तप कल्याणक मनाया : भगवान को पाण्डुक शिला पर विराजमान कर अभिषेक शांतिधारा की। 


 दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्री पार्श्व पद्मावती धाम में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान का जन्म और तप कल्याणक धार्मिक उल्लास से मनाया गया। आदिनाथ भगवान की प्राचीन प्रतिमा को पाण्डुक शिला पर विराजमान कर अभिषेक शांतिधारा की। पलवल से पढ़िए यह खबर…


पलवल। श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्री पार्श्व पद्मावती धाम में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान का जन्म और तप कल्याणक बड़ी धूमधाम से मनाया गया। भू-गर्भ से अवतरित मूलनायक आदिनाथ भगवान की प्रतिमा जो लगभग 24 सौ वर्ष प्राचीन है, को पाण्डुक शिला पर विराजमान कर अभिषेक शांतिधारा की गई। इसके आदिनाथ भगवान की पूजा कर जन्म कल्याणक मनाया गया। रविवार को जैन समाज के तत्वावधान में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान का जन्म और तप कल्याणक मनाया गया।

मानवता को जीवनयापन करना सिखाया

इस अवसर पर तीर्थ क्षेत्र के संयोजक नितिन जैन ने कहा कि प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का जन्म कल्याणक पर्व पूरे विश्व में जितने भी धूमधाम के साथ मनाया जाए कम है। भगवान ऋषभदेव से ही इस युग में मोक्ष मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने ही असि, मसि, कृषि आदि शिक्षाएं देकर मानवता को जीवनयापन करना सिखाया। हम जैन श्रावकों को प्रतिवर्ष भगवान ऋषभदेव जन्म कल्याणक पर्व सभी नगरों में अत्यंत ही प्रभावना के साथ मनाना चाहिए। इस अवसर पर विनोद जैन, शीतल जैन, अनुज जैन, मेघा जैन, अमन जैन और अरिहंत जैन आदि उपस्थित रहे।

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