जयपुर के गायत्री नगर स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में भगवान विमलनाथ जी का मोक्ष कल्याणक श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। अभिषेक, शांतिधारा, निर्वाण लाडू एवं सामूहिक आरती कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे। पढ़िए श्रीफल साथी उदयभान जैन की यह रिपोर्ट।
जयपुर। श्री दिगंबर जैन मंदिर प्रबंध समिति, गायत्री नगर के तत्वावधान में 13वें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ जी का मोक्ष कल्याणक श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। प्रातः 6:15 बजे प्रथम अभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य सोधर्म इंद्र बनकर अशोक–मनीष बड़जात्या परिवार को प्राप्त हुआ। इसके पश्चात भगवान विमलनाथ जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव धार्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
निर्वाण लाडू का हुआ आयोजन
मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह ने बताया कि गायत्री नगर में प्रत्येक तीर्थंकर के मोक्ष कल्याणक उत्सव को धूमधाम से मनाने की परंपरा है। इसी क्रम में भगवान विमलनाथ जी के मोक्ष कल्याणक अवसर पर सोधर्म इंद्र परिवार द्वारा सामूहिक रूप से निर्वाण लाडू अर्पित किया गया।
सामूहिक आरती से गूंजा मंदिर परिसर
युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि निर्वाण लाडू के उपरांत उपस्थित श्रेष्ठियों, समाज के गणमान्यजनों एवं महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने सामूहिक आरती कर भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर मंदिर प्रबंध समिति ने सोधर्म इंद्र परिवार का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत भी किया।
विधानाचार्य का किया सम्मान
समस्त मांगलिक धार्मिक क्रियाएं विधानाचार्य पं. अजीत जी शास्त्री के सानिध्य में संपन्न हुईं। मंदिर प्रबंध समिति ने उनके जन्मदिवस के अवसर पर तिलक, माला, दुपट्टा एवं पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया तथा शुभकामनाएं दीं।
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ
मोक्ष कल्याणक महोत्सव में वरिष्ठ एडवोकेट विमल जैन, पूर्व अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा, मंत्री राजेश बोहरा, संयुक्त मंत्री संजय ठोलिया, कोषाध्यक्ष राकेश छाबड़ा, सारसमल झांझरी, राकेश पाटोदी, बसंत बाकलीवाल, संतोष गंगवाल, दीपेश छावड़ा, संतोष वांसकोवाले, अशोक रावका, अशोक मालपुरा वाले सहित सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे और निर्वाण लाडू अर्पित कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
आभार के साथ सम्पन्न हुआ आयोजन
कार्यक्रम का संचालन एवं अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं का आभार मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह ने व्यक्त किया।













Add Comment