जन-चेतना, जन-जागृति तथा समस्त जीवों के प्रति प्रेम, करुणा, सौहार्द और समरसता का भाव जागृत करने के उद्देश्य से एक अनोखी पहल के तहत “जीव दया संदेश यात्रा” का आयोजन किया गया। पढ़िए सोनल जैन की रिपोर्ट…
भिंड। जन-चेतना, जन-जागृति तथा समस्त जीवों के प्रति प्रेम, करुणा, सौहार्द और समरसता का भाव जागृत करने के उद्देश्य से एक अनोखी पहल के तहत “जीव दया संदेश यात्रा” का आयोजन किया गया। सेवा भारती की प्रेरणा से भामाशाह पशु-पक्षी आहार योजना समिति एवं जीव दया स्थल के तत्वावधान में यह यात्रा महावीर जन्म कल्याणक महामहोत्सव के पावन अवसर पर निकाली गई।
इस अवसर पर शहर के विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह जीव दया स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने बोरिंग का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने जीव दया, प्रेम, करुणा, भाईचारा और सभी के साथ मिल-जुलकर रहने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जीवन सबका एक है, सभी प्राणियों में समान रूप से प्राण हैं, इसलिए सभी जीवों का सम्मान करें, साथ-साथ जिएं और दूसरों को भी जीने दें। उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।
जीव दया संदेश यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों—हाउसिंग कॉलोनी, गोल मार्केट, सदर बाजार, पुस्तक बाजार और भूता बाजार से होते हुए जिला चिकित्सालय पहुंची। यात्रा के दौरान “महावीर स्वामी का क्या संदेश—जियो और जीने दो”, “अहिंसा परमो धर्म की जय”, “जय गौ माता, जय गोपाल”, “बेजुबानों पर दया करो” जैसे नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा।
जिला चिकित्सालय प्रांगण में उपस्थित जनसमूह को धर्मेंद्र जैन पत्तल, दिनेश जैन (एडवोकेट) एवं ओमप्रकाश ‘बाबूजी’ ने संबोधित किया। इस अवसर पर ओमप्रकाश बाबूजी ने कहा कि हमें अपने आसपास रहने वाले सभी जीवों के प्रति करुणा और संवेदनशीलता रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सबमें केवल इंद्रियों का अंतर है, अन्यथा सभी जीव समान हैं और किसी को छोटा-बड़ा नहीं समझना चाहिए। यही भगवान महावीर का मूल संदेश है।
धर्मेंद्र जैन पत्तल ने कहा कि “जो छीनकर खाए वह विकृति है और जो बांटकर खाए वह संस्कृति है।” यह भाव हमें स्वार्थी होने से बचाता है और समाज में सहयोग व सहअस्तित्व की भावना को बढ़ाता है। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय में रोगियों को फल वितरित किए गए। साथ ही जीव दया गौशाला में उपस्थित लोगों ने गौ माता को फल खिलाकर सेवा कार्य में भागीदारी निभाई।













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