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आचार्यश्री पुलक सागर जी का चातुर्मास का निष्ठापन संपन्न : गुरुकुल मंदिर पर चातुर्मास कलश प्रदान किए गए


 ऋषभदेव गुरुकुल मंदिर पर चातुर्मास कलश प्रदान किए गए। गुरुकुल मंदिर में चातुर्मास साधना कर रहे आचार्य पुलक सागर जी महाराज ने अपनी गहन साधना द्वारा अभिमंत्रित चातुर्मास कलश पुण्यार्जक परिवारों को मंदिर व्यवस्था पर कमेटी व भक्तों के मध्य प्रदान किये। पढ़िए सचिन जैन गंगावतकी रिपोर्ट…


सचिन जैन गंगावत ऋषभदेव गुरुकुल मंदिर पर चातुर्मास कलश प्रदान किए गए। गुरुकुल मंदिर में चातुर्मास साधना कर रहे आचार्यश्री पुलक सागर जी महाराज ने अपनी गहन साधना द्वारा अभिमंत्रित चातुर्मास कलश पुण्यार्जक परिवारों को मंदिर व्यवस्था पर कमेटी व भक्तों के मध्य प्रदान किये। समाज के धर्म मंत्री मुकेश गांधी ने बताया कि आचार्य जी ने रविवार को मधु सुमेश वाणावत परिवार को मुख्य कलश, बलवंत बल्लू परिवार को गुरुपूजा कलश, सरोज पुष्पदंत परिवार, रेखा सलिल बरोडिया परिवार को पद्मावती राजमल कोठारी को रजत कलश अपने कर कमलों से चातुर्मास कलश प्रदान कर आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर गुरुकुल ट्रस्ट के ट्रस्टी सुंदर लाल भानावत, समाज के अध्यक्ष भूपेंद्र वालावत सहित अनेक समाजजन उपस्थित थे।

चातुर्मास कलश समर्पण, संयम और साधना का प्रतीक है – आचार्य श्री

आचार्य श्री ने कलश के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चातुर्मास कलश हमारे मन में आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने और आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त करने का प्रतीक है। यह कलश समर्पण, संयम और साधना का प्रतीक है, जो साधक को आंतरिक शांति और परमात्मा के निकटता की अनुभूति कराता है। यह हमारे धर्म की शक्ति है जो हमें नकारात्मकता से मुक्त कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

शोभायात्रा निकाली गई

कलशों की बोली लेने वाले सभी परिवारों को बग्घी में बैठाकर नगर के मुख्य मार्गों से शोभायात्रा निकाली गई। साथ ही पुण्यार्जक परिवारों के समाज जनों ने घरों पर जाकर कलश स्थापित करवाए। परिवारों द्वारा प्रभावना वितरित की गई। इससे पूर्व रविवार को विवेकानंद केंद्र विद्यालय की शिक्षिकाओं द्वारा सुबह गुरुपूजन किया गया। सांयकालीन आरती का लाभ भी विद्यालय की शिक्षिकाओं द्वारा लिया गया। जिसमें शारिका गंगावत, शोभा भुपावत, निशा शाह, रीगल जैन, प्रतिभा गांधी, वर्षा जैन आदि शीक्षिकाएं उपस्थित थी।

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