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पथरिया नगर गौरव आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी का 54वां अवतरण दिवस श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया : धर्मसभा में मनुष्य जीवन के महत्व पर दिए प्रेरक संदेश


पथरिया में नगर गौरव आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर जी महाराज का 54वां अवतरण दिवस धार्मिक श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर धर्मसभा, पूजन एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। पढ़िए श्रीफल साथी रत्नेश जैन/राजेश रागी बकस्वाहा की यह रिपोर्ट।


पथरिया। श्री शांतिनाथ संत भवन में नगर गौरव आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर जी महाराज का 54वां अवतरण दिवस श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।

मनुष्य जीवन का सदुपयोग करने की प्रेरणा

धर्मसभा को संबोधित करते हुए पूज्य विराग कीर्ति उपाध्याय श्री 108 विशेष सागर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य पर्याय चिंतामणि के समान दुर्लभ है। देव और इंद्र भी इस जीवन को प्राप्त करने की कामना करते हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन का सदुपयोग धर्म, संयम और आत्मकल्याण के लिए करना चाहिए।

पथरिया का गौरव बने आचार्य श्री

उपाध्याय श्री ने कहा कि भारत भूमि तीर्थंकरों, महापुरुषों और संतों की पावन भूमि है। बुंदेलखंड की धरती ने अनेक त्यागी और विद्वान संत दिए हैं। इसी भूमि पर जन्मे बालक अरुण (बल्ले) आज आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर जी महाराज के रूप में संपूर्ण विश्व में पथरिया नगर का गौरव बढ़ा रहे हैं।

कर्मों से बनती है पहचान

उन्होंने पूज्य गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति की पहचान केवल परिवार या जन्मस्थान से नहीं, बल्कि उसके श्रेष्ठ कर्मों से होनी चाहिए। ऐसे कर्म करें जिनसे माता-पिता, परिवार और नगर का सम्मान बढ़े।

साझा किए संस्मरण

उपाध्याय श्री ने बताया कि लगभग 25 वर्ष पूर्व आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी महाराज ऐलक अवस्था में पथरिया आए थे। उन्हें पांच वर्षों तक आचार्य श्री के सान्निध्य में रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि गणाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज से दीक्षा और आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी महाराज से जीवनोपयोगी शिक्षा एवं संस्कार प्राप्त हुए।

पूजन एवं संतों का सान्निध्य

कार्यक्रम का शुभारंभ चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके पश्चात आचार्य श्री की संगीतमय पूजन संपन्न हुई। इस अवसर पर नगर गौरव क्षुल्लक श्री 105 विश्वोतीर्ण सागर जी, क्षुल्लक श्री 105 विश्वबाहु सागर जी एवं क्षुल्लिका श्री 105 विजिताश्री माताजी का सान्निध्य प्राप्त हुआ।

बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

कार्यक्रम का संचालन रोहित जैन ने किया तथा आभार प्रदर्शन ऋषभ सिंघई ने व्यक्त किया। अवतरण दिवस समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया और आचार्य श्री के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

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